बुधवार, मई 12, 2021
बुधवार, मई 12, 2021
होमFact Checkसाल 2017 में Rohingya Muslims के समर्थन में दिए गए विवादास्पद बयान...

साल 2017 में Rohingya Muslims के समर्थन में दिए गए विवादास्पद बयान की क्लिप फिर से हुई वायरल

सोशल मीडिया पर भाजपा नेता मेजर (सेवानिवृत) सुरेंद्र पुनिया ने एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया कि भारत में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों (Rohingya Muslims) ने कहा कि हिन्दुओं और हिंदुस्तान का नाम मिटा देंगे.

रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya Muslims) को लेकर भारत में लम्बे समय से बहस चलती आ रही है. कई यूजर्स रोहिंग्या शरणार्थियों को देश में जगह देने के पक्षधर हैं तो वहीं कई यूजर्स रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya Muslims) को देश में जगह देने का पुरजोर विरोध करते हैं. दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क है। इन्हीं तर्कों के आधार पर वर्षों से सोशल मीडिया पर अलग-अलग बहस होती रहती हैं.

इसी क्रम में भाजपा नेता मेजर (सेवानिवृत) सुरेंद्र पुनिया ने एक वीडियो शेयर कर दावा किया, “सुनिये शांतिप्रिय रोहिंग्या शरणार्थियों को इनका कहना है कि अगर इनको भारत से निकाला तो हिन्दुओं और हिंदुस्तान को मिटा देंगे .. नये क़िस्म के शरणार्थी हैं. इनको भारत में बसाने के लिये कौन-कौन लड़ रहा है? केजरी, प्रशांत भूषण, ओवैसी साहब, कांग्रेस, टुकड़े/Intolerance गैंग, अर्बन नक्सल”.

बता दें कि वायरल वीडियो को अन्य कई यूजर्स ने भी शेयर किया है.

Fact Check/Verification

Rohingya Muslims को लेकर किये जा रहे वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में बांटा और एक की-फ्रेम की सहायता से गूगल सर्च किया. सर्च परिणामों में हमें https://rairfoundation.com/ नामक वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो प्राप्त हुआ. गौरतलब है कि यह लेख 15 मार्च 2020 को प्रकाशित किया गया था.

Rohingya Muslims Google Search

बता दें कि https://rairfoundation.com/ द्वारा प्रकाशित इस लेख में, ‘Vikasmudgil5’ नामक एक ट्विटर यूजर द्वारा 26 फ़रवरी 2020, को किये गए एक ट्वीट के साथ शेयर किये गए वीडियो का प्रयोग किया गया है. बता दें कि उक्त लेख में प्रकाशित वीडियो 1 मिनट 15 सेकंड का है जबकि, Vikasmudgil5′ नामक एक ट्विटर यूजर द्वारा 26 फ़रवरी 2020 को शेयर किया गया वीडियो सिर्फ 45 सेकण्ड्स का है.

Rohingya Muslims rair foundation usa

इसके बाद वायरल वीडियो के बारे में किसी ठोस जानकारी की तलाश में हमने उपरोक्त लेख में दिए गए ट्वीट की सहायता से ट्विटर एडवांस्ड सर्च फीचर का प्रयोग किया. इस प्रक्रिया में हमें दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा द्वारा 21 सितंबर 2017 को शेयर किया गया एक ट्वीट प्राप्त हुआ. बता दें कि तजिंदर द्वारा शेयर किये गए इस ट्वीट में वायरल वीडियो मौजूद है.

इसके बाद हमने कुछ कीवर्ड्स की सहायता से यूट्यूब पर वायरल वीडियो को ढूंढने का प्रयास किया. इस प्रक्रिया में हमें सुदर्शन न्यूज़ द्वारा 23 सितंबर 2017 को प्रकाशित एक वीडियो प्राप्त हुआ। जिसमें दावा किया गया है कि वीडियो में दिख रहा शख्श जमीअत उलेमा-ए-हिन्द का एक मौलवी है। वह भारत से हिन्दुओं का नामोनिशान मिटाने की धमकी दे रहा है.

इसके बाद हमें Hindu Post नामक एक वेबसाइट पर भी वायरल वीडियो प्राप्त हुआ। जिसमें यह दावा किया गया है कि वीडियो में दिख रहे शख्श ने उक्त बयान बिहार के दरभंगा में जमीअत उलेमा-ए-हिन्द द्वारा 2017 में रोहिंग्या मुस्लिमों (Rohingya Muslims) के समर्थन में आयोजित एक रैली के दौरान दिया था. बता दें कि Hindu Post नामक वेबसाइट द्वारा प्रकाशित यह लेख 22 सितंबर 2017 को प्रकाशित किया गया था.

इसके बाद हमें बिहार के दरभंगा में साल 2017 के सितंबर महीने में मुस्लिम संगठनों द्वारा रोहिंग्या मुस्लिमों (Rohingya Muslims) के समर्थन में की गई रैली को लेकर प्रकाशित India Today की एक रिपोर्ट प्राप्त हुई. India Today द्वारा प्रकाशित इस लेख के थंबनेल में दिख रहा व्यक्ति वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के हुलिए से मेल खाता है. गौरतलब है कि India Today द्वारा इस लेख को 20 सितंबर 2017 को प्रकाशित किया गया था.

Rohingya Muslims India Today

Conclusion

हालांकि हमें अभी तक इस वीडियो के असली आशय के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। वायरल वीडियो 2017 में प्रकाशित कई लेखों और ट्वीट्स में मौजूद है इसलिए हमारी पड़ताल से यह बात साफ हो जाती है कि वायरल वीडियो क्लिप लगभग 4 साल पुरानी है। जिसे फिर से शेयर किया जा रहा है. हम अपने पाठकों को यह बताना चाहते हैं कि जैसे ही हमें वायरल वीडियो से संबंधित कोई ठोस जानकारी मिलती है हम अपने लेख को अपडेट करेंगे.

Result: Misplaced Context

Sources

BJP Spokesperson Tajinder Pal Singh Bagga’s tweet

Video published by Sudarshan News

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Avatar
Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular