शनिवार, नवम्बर 26, 2022
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होमFact Checkसपा विधायक नहीं हैं सुधीर गाडगिल, भ्रामक दावा हुआ वायरल

सपा विधायक नहीं हैं सुधीर गाडगिल, भ्रामक दावा हुआ वायरल

Claim

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश में चुनाव आयोग द्वारा अवैध नोटों को पकड़े जाने की ख़बरों के बीच एक ऐसा ही सन्देश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

माेदी जी काे बधाई हाे…
सपा के विधायक सुधीर गाडगिल की कार से 20 हजार कराेड़ की नई करंसी पकड़ी गई है!
ये खबर आग की तरह फैला दाे,
क्योंकि अपने भारत की मीडिया में ये दिखाने की औकात नहीं है। 
Verification
हमने खबर को सबसे पहले क्रॉप किया और गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करना आरम्भ किया। खोज के दौरान हमें कुछ ट्वीटर हैंडल मिले जिन्होंने इस खबर को कई बार ट्वीट किया था। सौरभ मौर्या नाम के यूजर का ट्वीट नीचे लिंक पर क्लिक कर देखा जा सकता है।
पड़ताल के दौरान ही हमें एक और यूजर द्वारा इस खबर को ट्वीट की गई खबर दिखी जिसे नीचे क्लिक कर पढ़ सकते हैं।
पड़ताल के अगले पड़ाव पर यह जानने के लिए गूगल टूल्स को खंगालना शुरू किया कि क्या वाकई सपा का कोई विधायक गिरफ्तार किया गया है? इस दौरान हमें यह पता चला कि सुधीर गाडगिल साल 2014 में मराठवाड़ा के सांगली जगह से बीजेपी के विधायक चुने गए थे। सर्च के दौरान मिला स्क्रीशॉट नीचे देख सकते हैं।
इसके अलावा myneta info पर जाकर सुधीर गाडगिल के बारे में जाना जा सकता है। इनका पूरा नाम धनंजय हरी भाई सुधीर गाडगिल है।
वायरल हो रही तस्वीर साल 2016-17 में नोटबंदी के दौरान की है।
चित्र में दिख रही गाड़ी अर्बन बैंक सांगली की है और सुधीर गाडगिल के भाई गणेश गाडगिल इसके चेयरमैन थे। वायरल हो रही तस्वीर में 20 हजार करोड़ रुपये की बात की जा रही है बल्कि उस समय गाड़ी में महज 6 करोड़ रूपये थे। सबसे खास बात यह है कि चित्र को बारीकी से देखने पर यह पता चलता है कि नोटों को जिस जगह रखा गया है वह किसी कमरे की तस्वीर लगती है ना कि किसी सड़क की या गाड़ी के अंदर की। चित्र को बारीकी से देखने के लिए नीचे स्क्रीन शॉट देख सकते हैं।
जिस समय पुलिस ने छापा मारा था उस समय गाडी में 500 और एक हजार की पुरानी करेंसी मौजूद थी और रूपये को सार्वजानिक नहीं किया गया था। हमारी वायरल पड़ताल में यह साबित हो चुका था कि सुधीर गाडगिल सपा के विधायक नहीं हैं और खबर को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है।
Result: Misleading
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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