सोमवार, जुलाई 22, 2024
सोमवार, जुलाई 22, 2024

होमFact CheckPoliticsबेंगलुरु में हुए पकौड़ा प्रदर्शन की वर्षों पुरानी वीडियो क्लिप हालिया दिनों...

बेंगलुरु में हुए पकौड़ा प्रदर्शन की वर्षों पुरानी वीडियो क्लिप हालिया दिनों का बताकर सोशल मीडिया पर हुई वायरल

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया गया कि मोदी के राज में बेरोजगार युवाओं ने पकौड़ा बेचना शुरू कर दिया हैl

वायरल ट्वीट का आर्काइव लिंक यहाँ देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से दावा किया गया है कि मोदी के राज में युवाओं ने पकौड़ा बेचना शुरू कर दिया है। वायरल दावा कुछ इस प्रकार है।

“जिस देश में PHD करने वाले युवा, सातवीं फेल को वोट करते हैं, वहा मंदी नहीं आएगी तो क्या बुलंदी आऐगी! बेरोजगार युवाओं ने पकौड़ा बेचना शुरू कर दिये है..l”

गौरतलब है कि साल 2018 में राज्यसभा में बोलते हुए देश के मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि ‘बेरोजगारी से अच्छा है कि युवा मेहनत कर पकौड़े बेचें।’ उनके इस बयान के बाद देश में रोजगार के मुद्दे पर एक नई बहस छिड़ गई थी। रोजगार पर रही सही कसर कोरोना महामारी ने पूरी कर दी। देश में लॉकडाउन के बाद लाखों लोग जहां बेरोजगार हो गए तो दूसरी तरफ इससे जुड़े कई मुद्दे आये दिन सोशल मीडिया की सुर्ख़ियों में रहते हैं। इस बार ट्वीटर पर यूजर्स एक वीडियो जिसमें कुछ युवा पकौड़ा बेचते हुए नजर आ रहे हैं शेयर कर रहे हैं। इस दावे को ट्विटर सहित फेसबुक पर भी तेजी से शेयर किया जा रहा है।

https://twitter.com/mumbaikkar/status/1306311454052683776
Viral Facebook Post

Fact Check/Verification

एक तरफ जहाँ देश भर में रोजगार को लेकर बहस छिड़ी हुई है तो दूसरी तरफ कुछ युवाओं द्वारा सड़क पर पकौड़ा बेचते हुए वायरल हो रही वीडियो हैरान करने वाली है। वायरल वीडियो में पकौड़ा बेचते दिख रहे युवाओं के चेहरे पर मास्क नहीं है जो महामारी के इस दौर में सबके लिए जरूरी किया गया है। यह देखने के बाद लगा कि यह वीडियो हाल की नहीं हो सकती। वीडियो की सत्यता जानने के लिए सबसे पहले इसे invid टूल के माध्यम से कुछ कीफ्रेम्स में बदला। एक स्क्रीनशॉट की मदद से गूगल रिवर्स करने पर हमें कुछ ऐसा हासिल नहीं हुआ जिससे वीडियो की सत्यता प्रमाणित की जा सकती हो।

वायरल पोस्ट से सम्बंधित पकौड़ा और रोजगार नाम से कुछ कीवर्ड के माध्यम से एक अन्य कीफ्रेम को गूगल रिवर्स करने पर हमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान द्वारा पकौड़ा बेचे जाने की एक खबर मिली। लेकिन इसमें कहीं भी वायरल क्लिप नजर नहीं आयी।

कुछ अन्य कीवर्ड्स के माध्यम से गूगल खंगालने पर नवभारत टाइम्स द्वारा 4 फरवरी साल 2018 में प्रकाशित की गई एक खबर मिली। रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी द्वारा कर्नाटक में परिवर्तन रैली के समापन किये जाने के दौरान युवाओं ने गाउन पहनकर पकौड़े बेंचने शुरू कर दिए। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीजेपी की परिवर्तन रैली के समापन के ठीक पहले युवाओं ने डिग्री पाने वाले परिधान में सडकों पर इकठ्ठा होकर पकौड़े बेंचे तो वहीं सांकेतिक प्रदर्शन भी किया।

SS

पड़ताल के दौरान NBT द्वारा फरवरी साल 2018 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया एक वीडियो मिला। वीडियो में वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। यह वीडियो बेंगलुरु का बताया गया है।


बेरोजगारी से जुड़े कुछ अन्य फैक्ट चेक्स यहाँ पढ़े जा सकते हैं।


वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान ANI का एक ट्वीट मिला। ट्वीट में लिखा गया है कि ‘ बेंगलुरु में छात्र पकौड़ा बेचते हुए।’

Conclusion

युवाओं द्वारा पकौड़ा बेचे जाने का दावा सही तो है लेकिन 2 साल पुराना है। यह वीडियो तब का का है जब देश के मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह ने रोजगार पर पकौड़े का नाम लिया था। यह वीडियो हालिया दिनों का बताकर शेयर किया जा रहा है जो भ्रामक है।

Result- Misleading

Sources

NBT- https://www.youtube.com/watch?v=4Ws9aT5y1EU

ANI- https://twitter.com/ANI/status/960103977013661696

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें:9999499044या ई-मेल करें:checkthis@newschecker.in

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular