सोमवार, दिसम्बर 6, 2021
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कर्नाटक स्थित जलप्रपात को जबलपुर का बताकर सोशल मीडिया पर किया गया शेयर

एक ट्विटर यूजर ने एक वीडियो शेयर करके लिखा है, “मानसून के इस सीजन में जबलपुर स्थित हमारा देसी निआग्रा फॉल्स- भेड़ाघाट फॉल्स

दावे का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है.


Fact Check/Verificaton

कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद ही प्रकृति से संबंधित अनेकों वीडियोज, तस्वीरें और अन्य दावे वायरल होने लगे. कभी सड़क पर शेर देखे गए तो कभी हिरणों का झुण्ड, किसी ने पंक्षी देखे तो किसी ने डॉयनासोर तक देख लिया. एक सोशल मीडिया यूजर ने एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया कि मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित भेड़ाघाट जलप्रपात ही हमारा देसी निआग्रा जलप्रपात है. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हमसे इस वीडियो की सत्यता जांचने का अनुरोध किया था.


अपनी पड़ताल के प्रथम चरण में हमने InVid नामक टूल की सहायता से वीडियो के की-फ्रेम्स निकाले ताकि हम वीडियो के अंदर मौजूद विज़ुअल्स की सहायता से वीडियो को गूगल पर ढूंढ सकें. वीडियो के एक की-फ्रेम को ढूंढने के दौरान गूगल द्वारा स्वतः जेनेरेटेड कीवर्ड्स ने वायरल वीडियो को कर्नाटक स्थित जोग फॉल्स का बताया। लेकिन गूगल द्वारा स्वतः जेनेरेट कीवर्ड्स केवल यही इशारा करते है कि संबंधित मीडिया को सोशल मीडिया पर किस टेक्स्ट या डिस्क्रिप्शन के साथ ज्यादातर यूजर्स ने या तो ढूंढा या अपलोड किया है.

गूगल सर्च द्वारा प्राप्त परिणामों को खंगालने पर हमें पता चला कि वीडियो असल में कर्नाटक स्थित जोग जलप्रपात का ही है. ‘The Better India’ द्वारा कुछ दिनों पहले इस वीडियो को कर्नाटक स्थित जोग जलप्रपात की खूबसूरती के नाम पर शेयर किया गया था.

https://www.facebook.com/watch/?v=284629519406503

गूगल सर्च के परिणामों से हमें यह भी पता चला कि वायरल वीडियो हाल फिलहाल का नहीं है बल्कि काफी पहले से इंटरनेट पर विभिन्न यूजर्स और पब्लिशर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है.

Erik Solheim नामक ट्विटर के एक वेरिफाइड यूजर ने भी इस वीडियो को इसी वर्ष मई माह में शेयर किया था. गौरतलब है कि  Erik Solheim ने भी वीडियो को भारत के कर्नाटक स्थित जोग फॉल्स का ही बताया था.


बताते चलें कि वीडियो को जबलपुर का बताये जाने पर कई ट्विटर यूजर्स ने इसे शेयर करने वाले यूजर को यह जानकारी दी कि यह वीडियो जबलपुर स्थित धुआंधार फॉल्स का नहीं बल्कि कर्नाटक स्थित जोग फॉल्स का है. जिनमें आईएफएस अधिकारी प्रवीण कासवान और CNN-News 18 के पत्रकार डीपी सतीश प्रमुख हैं.



अपनी पड़ताल के दौरान हमें कई अन्य ऐसे सबूत मिले जिनसे यही सिद्ध होता है कि वायरल वीडियो मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित धुआंधार फॉल्स का ना होकर कर्नाटक के जोग फॉल्स का है.

Result: Misleading

Sources:

Praveen Kaswan: https://twitter.com/ParveenKaswan/status/1286860321877970944

DP Satish: https://twitter.com/dp_satish/status/1286602633856208896

Erik Solheim: https://twitter.com/ErikSolheim/status/1261466406383579137

Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.
Saurabh Pandey
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