सोमवार, दिसम्बर 6, 2021
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क्या किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद की है ये वायरल तस्वीर?

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने बीते सोमवार को भारत बंद (Bharat Bandh) करने का ऐलान किया था। हरियाणा सहित देश के कई राज्यों के किसानों ने इस बंद का समर्थन किया था, जिसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर भारत बंद (Bharat Bandh) को सफल बताया, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा समर्थकों ने इस भारत बंद को विफल बताया है। भारत बंद का असर न सिर्फ देश की सड़कों पर बल्कि सोशल मीडिया पर भी देखने को मिला। 

एक तरफ जहां ‘भारत बंद है’, ट्विटर पर ट्रेंड होता नजर आया, तो वहीं थोड़ी ही देर में hashtag ‘भारत खुला है’ भी ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक सड़क की तस्वीर जमकर वायरल हुई। सड़क पर कई वाहन आते-जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लोगों ने भारत बंद का समर्थन नहीं किया। कई यूजर्स इस तस्वीर को गुजरात के सूरत का बता रहे हैं, तो वहीं कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की है। जबकि, कई यूजर्स ने इसे नागालैंड के कोहिमा शहर का बताया है।

Crowdtangle की सहायता से किए गए विश्लेषण के मुताबिक, वायरल तस्वीर को किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद की बताते हुए सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोगों ने शेयर किया है। ट्विटर पर @Shubham__Pathak की पोस्ट को सबसे ज्यादा शेयर और लाइक किया गया है। लेख लिखे जाने तक इस पोस्ट पर 2K शेयर और 1.9K लाइक थे।

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। 02 नवंबर 2016 को Patna Beats द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये तस्वीर पटना के राजेंद्र नगर इलाके की है। इस खबर में पटना में होने वाली पार्किंग की समस्या के बारे में बताया गया है। पटना से जुड़ी खबर में 3 साल पहले दैनिक भास्कर ने भी इस तस्वीर को इस्तेमाल किया था।

किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद

बारीकी से गौर से देखने पर हमने पाया कि वायरल तस्वीर में पीले रंग की एक इमारत पर एक बोर्ड टंगा हुआ है, जिस पर पटना इंस्टीट्यूट फॉर इंजीनियर लिखा हुआ है। इस इंस्टीट्यूट के बारे में सर्च करने पर पता चला कि यह इंस्टीट्यूट पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के पास और पटना के पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सामने स्थित था, जिसे अब बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल मैप पर जाकर इस इलाके के बारे में सर्च करना शुरू किया। इस दौरान हमें वायरल तस्वीर से जुड़ी कई मिलती-जुलती तस्वीरें मिली। जिसके बाद ये साफ हो गया कि वायरल तस्वीर पटना के राजेंद्र नगर इलाके की है। 

किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद
किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद

गुजरात में भारत बंद (Bharat Bandh) काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ राजमार्गों पर अवरोध होने की खबरें आई थीं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ था। लेकिन पुलिस द्वारा उस पर तुरंत काबू पा लिया गया। उत्तर प्रदेश में भी भारत बंद का बहुत ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। हालांकि, कई इलाकों में किसानों ने तोड़-फोड़ कर चक्का जाम जरूर किया था, लेकिन पुलिस भी इस दौरान मुस्तैद दिखी। भारत बंद (Bharat Bandh) का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर दिखाई दिया। वहां पर जाम के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक, वायरल तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। तस्वीर का हालिया भारत बंद (Bharat Bandh) से कोई संबंध नहीं है। वायरल तस्वीर साल 2016 से इंटरनेट पर मौजूद है। यह तस्वीर गुजरात, उत्तर प्रदेश और नागालैंड की नहीं बल्कि पटना शहर के राजेंद्र नगर इलाके की है। 

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Result: Misplaced Context 

Claim Review: किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद की वायरल तस्वीर।
Claimed By: Viral social media post
Fact Check:  Misplaced Context 

Our Sources

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Dainik Bhasker-https://www.bhaskar.com/traffic-route-changed-for-4-days-in-patna-01052678.html/

Patna Beat –https://www.patnabeats.com/odd-even-parking-scheme-launched-in-patna-to-curb-traffic-issues/


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.
Pragya Shukla
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