बुधवार, अगस्त 4, 2021
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क्या मलेशिया सरकार ने कथित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक को किया भारत के हवाले?

सोशल मीडिया इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक को लेकर एक पोस्ट तेजी से शेयर की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि जाकिर नाइक के प्रर्त्यपण का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। मलेशिया सरकार ने जाकिर नाइक को पकड़ कर भारत सरकार को सौंप दिया है। 

जाकिर नाइक
जाकिर नाइक

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल दावे का सच जानने के लिए, हमने गूगल पर कई कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। लेकिन इस दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। सोचने वाली बात है, जाकिर नाइक का भारत वापस आना एक बड़ी खबर है। अगर सच में ऐसा हुआ होता तो यह खबर सुर्खियों में होती। पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की वेबसाइट को भी खंगाला। लेकिन हमें वहां पर भी जाकिर नाइक के प्रर्त्यपण से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद हमने पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और गृह मंत्री अमित शाह के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। लेकिन वहां पर भी वायरल दावे से जुड़ी कोई घोषणा नहीं मिली। जाहिर-सी बात है, यदि जाकिर नाइक के प्रर्त्यपण की प्रक्रिया पूरी हो गई होती तो गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय इस पर कोई ना कोई बयान जरूर जारी करता।

कौन है जाकिर नाइक?

जाकिर नाइक खुद को इस्लाम धर्म का प्रचारक बताता है। जाकिर नाइक ने इस्लाम को बढ़ावा देने के लिए, साल 1991 में मुंबई में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की थी। जिसके बाद से नाइक ने देश-विदेश में जगह-जगह जाकर भड़काऊ भाषण देकर इस्लाम का प्रचार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते नाइक ने मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी एक अच्छी पहचान बना ली। जिसके बाद कनाडा, बांग्लादेश और ब्रिटेन जैसे देशों ने नाइक पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए उसे बैन कर दिया। इसी तरह एक बार भड़काऊ भाषण देते हुए नाइक ने अपने एक आयोजन के दौरान कहा था कि मुसलमानों को आतंकवादी होना चाहिए, मतलब जो भय फैलाए। 

भारत में भी नाइक इस तरह के आरोपों के चलते चर्चा में रहा। लेकिन जाकिर नाइक जांच के घरे में तब आया, जब साल 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आतंकी हमला हुआ। जिसमें 22 लोगों की जान चली गई। बांग्लादेश के जांच अधिकारियों ने घटना को लेकर बताया था कि ढाका आतंकी हमले मे शामिल आतंकवादी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक से प्रभावित थे। जिसके बाद से ही सरकार ने उस पर सख्त रूख अपनाना शुरू कर दिया था। साल 2016 में सरकार ने नाइक पर युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने, घृणा फैलाने वाले भाषण देने और समुदायों के बीच शत्रुता फैलाने के आरोपों के तहत, कई मुकदमें दर्ज किए। साथ ही उसे घोषित अपराधी करार दिया।

जिसके बाद गिरफ्तारी से पहले ही जाकिर नाइक देश छोड़कर मलेशिया भाग गया। फिर गृह मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाकिर नाइक की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन संस्था पर ‘गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून’ के तहत प्रतिबंध लगा दिया। गृह मंत्रालय के इस फैसले के खिलाफ संस्थान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर 16 मार्च 2017 को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा, “केंद्र सरकार का फैसला सही है। जाकिर नाइक की संस्थान को प्रतिबंधित करना देशहित में लिया गया फैसला था।”

जनवरी साल 2018 में विदेश मंत्रालय ने मलेशियाई सरकार से बातचीत करते हुए जाकिर नाइक को भारत प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया। जिसे तत्कालीन मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि भारत सरकार के सबूत मजबूत नहीं है। साथ ही उन्होंने जाकिर नाइक को लेकर ये कहा कि जब तक नाइक हमारे देश में कोई समस्या पैदा नहीं करते हैं, तब तक उन्हें भारत प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा। फिर जनवरी साल 2019 में ईडी ने कार्रवाई करते हुए उसकी 16 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया था। 

जून 2019 में सरकार ने एक बार फिर औपचारिक रूप से मलेशियाई सरकार से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण करने को लेकर अनुरोध किया। इसके बाद सितंबर 2019 में खबरें आई की खुद पीएम मोदी ने मलेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद से बातचीत करते हुए, जाकिर नाइक के भारत प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है। लेकिन मलेशिया के प्रधानमंत्री ने इन खबरों का खंडन किया। साल 2020 में अपनी कोशिश को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर विदेश मंत्रालय ने मलेशियाई सरकार से अनुरोध किया। लेकिन फिर सरकार के हाथ असफलता ही लगी। तब से लेकर अब तक, जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर कोई खबर सामने नहीं आई है। हम गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे ही कोई रिप्लाई आएगा, आर्टिकल को अपडेट किया जाएगा।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक, जाकिर नाइक को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। मलेशियाई सरकार ने जाकिर नाइक को भारत को नहीं सौपा है। गलत दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Read More : ड्राइवर द्वारा गाय पर ट्रैक्टर चढ़ाने का वीडियो साम्प्रदायिक दावे के साथ सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

Result: False

Claim Review: मलेशिया सरकार ने जाकिर नाइक को भारत प्रत्यर्पित किया।
Claimed By: Viral social media post
Fact Check: False

Our Sources

Live Hindustan –https://www.livehindustan.com/national/story-islamic-preacher-zakir-naik-will-not-be-deported-has-permanent-residency-says-malaysia-pm-2053545.html

The wire –http://thewirehindi.com/94982/malaysia-india-mahathir-mohamad-pm-modi-zakir-naik/

AMar ujala –https://www.amarujala.com/india-news/govt-has-sent-formal-request-to-malaysia-for-extradition-of-zakir-naik-govt-is-pursuing-it

Aaj Tak –https://www.aajtak.in/india/maharashtra/story/controversial-islamic-preacher-zakir-naik-properties-attached-worth-crores-by-ed-under-pmla-im-mumbai-pune-638502-2019-01-19


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

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