बुधवार, दिसम्बर 7, 2022
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कुम्भ मेले के दौरान नागा साधुओं की भीड़ को CAA समर्थन का बताकर किया गया शेयर

Claim

CAA और NRC के समर्थन में हरिद्वार में नागा साधुओं ने विशाल रैली का आयोजन किया। 

Verification
Sandeep Dhar नामक ट्विटर हैंडल से नागा साधुओं की रैली का एक वीडियो शेयर किया गया है। इस वीडियो को लेकर दावा किया गया है कि CAA और NRC के समर्थन में हरिद्वार में नागा साधुओं ने विशाल रैली का आयोजन किया था। हालांकि इस पोस्ट में यह नहीं बताया कि नागा साधुओं ने इस रैली का आयोजन कब किया था इसमें कितने साधु शामिल हुए थे। इसलिए हमनें इस बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की।
इसी दौरान हमें फेसबुक पर यही दावा करने वाला एक वीडियो मिला जो 2:24 मिनट का है। इसमें नागा साधुओं की रैली देखी जा सकती है।
हमनें पड़ताल को आगे बढ़ाया कुछ कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगाला लेकिन कहीं पर भी हरिद्वार में नागा साधुओं द्वारा रैली निकाली जाने की खबर नहीं मिली। इसके बाद हमनें वायरल वीडियो में से कुछ स्क्रीनशाॅट्स निकाले और गूगल रिवर्स इमेज की मदद से खोज की तो यही वीडियो  युट्यूब पर ह 2 जनवरी को अपलोड किया हुआ मिला।
लेकिन इसके कैप्शन में सिर्फ नागा साधुओं की रैली लिखा है। इसलिए इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी यह वीडियो हरिद्वार का है या नहीं।
हमनें उन्हीं स्क्रीनशाॅट्स को यांडेक्स की मदद से ढूंढा तो इसको लेकर कई रिजल्ट देखने को मिले।
खोज के दौरान एक युट्यूब चैनल पर वीडियो मिला जिसमें बताया गया है कि प्रयागराज कुंभ मेला 2019 में महाकाल बारात का यह दृश्य है।
वहीं एक और वीडियो में इस वीडियो को प्रयागराज कुंभ 2019 के समापन का होने का दावा किया है। यह वीडियो भी मार्च 2019 में अपलोड किया है।
इससे साफ होता है कि ट्विटर पर शेयर किया गया वीडियो नागा साधुओं द्वारा एनआरसी और सीएए की समर्थन रैली का नहीं है बल्कि पिछले साल प्रयागराज में संपन्न हुए कुंभ मेले का है। इसे सोशल मीडिया में भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
Result: False
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(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़तालसंशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें ई-मेल करें[email protected] या 9999499044 इस व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज भेजे)
Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
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