सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
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बिहार में RSS पर नीतीश द्वारा प्रतिबन्ध लगाने से लेकर कई अन्य भ्रामक दावे हुए वायरल

Claim-
 
नीतीश जी कह रहे थे बिहार में आरएसएस पर प्रतिबन्ध लगाएंगे लेकिन पटना के बाढ़ पीड़ित कह रहे हैं कि आरएसएस न होता तो हमारे बच्चे भूखे प्यासे रह जाते। 
 
 
 
Verification- 
 
बिहार में आई बाढ़ के साथ ही सोशल मीडिया में सरकार पर तंज करते हुए सैकड़ों भ्रामक सन्देश वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक सन्देश Whatsapp पर newschceker.in टीम को प्राप्त हुआ। सन्देश में बताया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। सन्देश प्राप्त होने के साथ ही हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। सबसे पहले हमने  ‘बाढ़ से पीड़ितों पर नीतीश कुमार‘ कीवर्ड के माध्यम से गूगल पर खंगाला। लेकिन प्राप्त परिणामों में कहीं भी आरएसएस का जिक्र होता नज़र नही आया।
  
 
 
वायरल सन्देश को बारीकी से खोजने के लिए गूगल पर ‘नीतीश कुमार और आरएसएस’ जैसे कीवर्ड से खोजा। जहां news18 की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ। खबर में 23 सितंबर 2019 को नीतीश कुमार और आरएसएस नेताओं की गोपनीय मुलाकात की जानकारी छपी है।
 
उपरोक्त लेख से भी वायरल संदेश की सटीक जानकारी प्राप्त नहीं हुई लिहाज़ा हमने गूगल में  आरएसएस और नीतीश कुमार की खबरों को बारीकी से खोजा। 
 
 
खोज के दौरान आजतक की वेबसाइट में प्रकाशित एक लेख से पता चला कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरएसएस के नेताओं की जानकारी एकत्र करने का आदेश अपने प्रदेश की स्पेशल ब्रांच की इंटेलिजेंस विंग को दिया था।
   
 
 
 
सरकार द्वारा दिए गए आदेश को आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने स्वीकार करते हुए इसपर अमल करने की बात की थी। जिसकी पुष्टि यूट्यूब के इस वीडियो से हो जाती है।
 
 
 
क्लेम के अगले हिस्से में कहा गया है कि बिहार के लोग आरएसएस का गुणगान करते हुए सुने जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि यदि आरएसएस ना होता तो बाढ़ के कारण उनके बच्चे भूखे मर जाते। इस तथ्य की जानकारी के लिए हमने काफी देर तक गूगल खंगाला लेकिन ऐसी कोई खबर हाथ नहीं लगी जिससे वायरल दावे की पुष्टि हो पाती। 
 
उक्त तथ्यों को परखने के बाद newschecker.in की पड़ताल में वायरल सन्देश गलत साबित हुआ।   
 
Tools Used 
 
  • Google search 
  • Youtube Search
 
Result– False
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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