शुक्रवार, अक्टूबर 7, 2022
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महाराष्ट्र की घटना को दिल्ली में हुई हिंसा से जोड़कर किया जा रहा है शेयर

Claim

मुस्लिम समुदाय के लोग देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं वो भी तब जब पूरी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नज़र भारत पर है।

Verification

दिल्ली में दंगे भड़कने के बाद से अब-तक पुलिस के एक जवान समेत 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 180 लोगों के घायल होने की खबर है। सोशल मीडिया पर दंगों से संबंधित तरह-तरह के वीडियो, तस्वीर और दावे वायरल हो रहे हैं। इन्हीं वायरल दावों के बीच हमें ट्विटर पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। जहां कुछ लोगों को उपद्रव मचाते और एक बस में तोड़-फोड़ करते देखा जा सकता है। वीडियो पोस्ट करने वाले यूज़र ने लिखा है कि यह मुस्लिम युवक हैं जो भारत को बदनाम करने के लिए उस वक्त उपद्रव मचा रहे है जब पूरे अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नज़र भारत पर है।

वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने वीडियो को स्क्रीनशॉट्स की सहायता से गूगल पर खोजा। इस दौरान ट्विटर पर 23 फरवरी को पोस्ट किये गए एक ट्वीट में वायरल वीडियो प्राप्त हुआ। जहां यह दावा किया गया था कि वीडियो औरंगाबाद का है।

जिसके बाद हमने गूगल पर औरंगाबाद से संबंधित खबरों को कुछ कीवर्ड्स के माध्यम से खंगाला। इस दौरान हमें सबसे पहले maharastratimes.indiatimes.com नामक वेबसाइट पर मराठी में प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ। 

गूगल ट्रांसलेटर की सहायता से पता चला कि यह घटना 18 फरवरी को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में घटित हुई थी।  जब एक बस ड्राइवर ने एक गाड़ी को ओवरटेक किया और आगे जाने की जगह नहीं दी। इससे गुस्साए गाड़ी में सवार लोगों ने बस को रोक कर ड्राइवर को बुरी तरह पीटा। जिसका वीडियो बस में सवार एक यात्री ने बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार कर FIR दर्ज कराई गई है।

इसके बाद गूगल पर ही हमें ABP माझा का एक यूट्यूब वीडियो मिला।

 

Newschecker के मराठी डेस्क की मदद से हमें वीडियो के बारे में जानकारी मिली जिससे यह साफ हो गया कि इस वीडियो का दिल्ली हिंसा से कोई संबंध नहीं है और सोशल मीडिया में इस वीडियो के जरिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

Tools Used

  • Google Search 
  • InVid
  • Reverse Image Search 

Result -Misleading 

 

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])

Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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