शनिवार, दिसम्बर 10, 2022
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फैक्ट चेक: अमित शाह ने नहीं की मुस्लिमों को देश से बाहर फेंकने की बात, यहाँ पढ़ें पूरी पड़ताल

Claim

This is real face of BJP. Home Minister of India openly saying that he will throw out Muslims out of India. India is officially an apartheid state who target Muslims because of religion. Why the hell you call it “Secular Democratic country” anymore??? This is a Nazi state now!

(हिंदी अनुवाद) – यह है भाजपा का असली चेहरा। भारत के गृहमंत्री ने खुलेआम कहा की वह मुस्लिमों को भारत से बाहर फेंक देंगे।  भारत एक आधिकारिक भेदभाव वाला देश है जहां मुस्लिमों को धर्म के आधार निशाना बनाया जाता है। पता नहीं क्यों तुम इसे ‘धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक’ देश बोलते हो ? अब यह एक तानाशाही राष्ट्र है !

Verification

आज अमित शाह द्वारा बंगाल में एक सभा को संबोधित करने के बाद सोशल मीडिया में एक सन्देश सुर्ख़ियों में है। newschecker.in टीम को ट्विटर पर ऐसा ही एक सन्देश प्राप्त हुआ। संदेश में न्यूज़ एजेंसी ANI के पोस्ट को टैग कर दावा किया गया है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आज बंगाल में एक आयोजित सभा के दौरान मुस्लिमों को देश से बाहर फेंक देने वाला विवादित बयान दिया है।

वायरल दावे का सच जानने के लिए हमने सबसे पहले ANI के ट्वीट को बारीकी से पढ़ा। ट्वीट को पढ़ने पर हमें कोई भी विवादित बयान प्राप्त नहीं हुआ।

वायरल दावे का सच जानने के लिए हमने गूगल को खंगाला जहां सबसे पहले दैनिक भास्कर में प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ। लेख के मुताबिक अमित शाह ने हिन्दू, सिख और जैन शरणार्थियों को देश में NRC लागू होने के बाद बराबरी का हक़ मिलेगा ऐसा कहा है।

लेख में वायरल हो रहे दावे के बारे में कहीं भी जिक्र नहीं हुआ है। इससे इतना तो साफ हो गया कि अमित शाह ने मुस्लिमों को देश से बाहर कर देने की बात नहीं कहीं है।

इसी कड़ी में हमने यूट्यूब पर उनके बयान को खंगाला। इस दौरान भाजपा के यूट्यूब अकाउंट पर शाह के कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम का पूरा वीडियो प्राप्त हुआ।

हमारी पड़ताल में यह पता चला की अमित शाह ने अपने पूरे भाषण के दौरान कहीं भी मुस्लिमों को देश से बाहर फेंकने की बात नहीं की है।

Tools Used

  • Google Search
  • YouTube Search

Result- Misleading

Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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