सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
होमहिंदीवर्षों पहले सऊदी में ध्वस्त की गई ऐतिहासिक मस्जिदों की खबर भारत...

वर्षों पहले सऊदी में ध्वस्त की गई ऐतिहासिक मस्जिदों की खबर भारत के सन्दर्भ में भ्रामक दावे के साथ हुई शेयर

Claim-

 

2012 .. 3 Historic mosques demolished in Saudi… 2014.. 126 demolished to expand ONE…Mullahs in India whining over the ILLEGAL Babri can shut up…There’s no sanctity to Babri for them to be whining about it.

 
हिंदी अनुवाद- 
 
2012 को सऊदी में 3 ऐतिहासिक मस्जिद ध्वस्त किये गए। 2014 में एक मस्जिद के निर्माण के लिए 126 मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया। लेकिन भारतीय मुल्ला परेशान हैं कि बाबरी मस्जिद को तोड़ना सही नहीं है। अगर मस्जिद मुसलमानों के लिए महत्वपूर्ण थी, तो सऊदी अरब में जिस मस्जिद को ध्वस्त किया गया था, वह शहीद नहीं होगी।
 
 
 
 
 
Verification-
 
अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के संदेश वायरल हो रहे हैं। इस बीच ट्विटर पर रविनार नामक युवक ने अपने हैंडल से एक खबर की तस्वीर शेयर कर दावा किया है कि साल 2012 को सऊदी में 3 मस्जिद ध्वस्त किये गए थे, साथ ही वर्ष 2014 में 126 मस्जिदों को ध्वस्त किया गया था। इस पर भारतीय मुस्लिमों को आपत्ति नहीं हुई लेकिन बाबरी मस्जिद पर इतना शोर कर रहे हैं।  
 
हमने दावे की सत्यता जानने के लिए गूगल पर खंगालना शुरू किया। इस दौरान arabian business नामक वेबसाइट पर साल 2014 में प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ जहां पर दावे से सम्बंधित पूरी जानकारी प्रकाशित हुई है।
 
 
लेख के मुताबिक साल 2014 में 126 मस्जिदों को ध्वस्त करने वाली बात सत्य है, लेकिन लेख को आगे पढ़ने पर पता चला कि 126 मस्जिद को ध्वस्त करने का कारण हज दर्शन वाले मक्का मदीना के मस्जिद का पूर्ण रूप से निर्माण करना था।
 
 
इसके अतिरिक्त गूगल को बारीकी से खंगालने पर  times of india की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ जहां पूरे मामले की पुष्टि हुई।
 
 
 
लेख के मुताबिक सऊदी अरब में 1.6 मिलियन हजयात्री प्रतिवर्ष सऊदी आते है। जिसके कारण मस्जिद को बड़ा करने के लिए उसके चारों तरफ की मस्जिदों को सरकार ने ध्वस्त किया था ना कि उन मस्जिदों को किसी साम्प्रदायिक भीड़ ने ध्वस्त किया था। 
 
 
newschecker.in की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ। पड़ताल में पता चला कि मस्जिदों को ध्वस्त करने का कारण एक दूसरी मस्जिद का निर्माण करना था। 
 
 
Tools Used 
 
  • Google search 
 
Result- Misleading
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular