मंगलवार, दिसम्बर 7, 2021
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क्या पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर प्रचारकों से पुलिस ने की बदसलूकी?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें बीच सड़क पर पुलिस और भगवा रंग के कपड़े पहने कुछ लोगों के बीच हाथापाई हो रही है। पुलिस उन लोगों को अपनी गाड़ी में बैठाने की कोशिश कर रही है। लेकिन वो लोग नहीं बैठ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है। जहां पर हिंदू धर्म का प्रचार करने पर ममता बनर्जी की पुलिस ने इन विदेशी साधुओं को वहां से भगा दिया। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर कैप्शन में लिखा जा रहा है, “पश्चिम बंगाल में विदेशी हिन्दू एक गाड़ी से हिन्दू धर्म का प्रचार कर रहे थे। श्रीमद्भागवत गीता जी की प्रतियां बांट रहे थे, हिन्दू विरोधी विचारधारा वाली ममता की सेक्युलर पुलिस को जब ये खबर पता चली तो सेक्युलर पुलिस वाले पहुंच गए।”

पोस्ट से जुड़े आर्काइलव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर पुलिस ने की मार-पीट
पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर पुलिस ने की मार-पीट
पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर पुलिस ने की मार-पीट
पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर पुलिस ने की मार-पीट

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को आप यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने वीडियो को InVID टूल की मदद से कीफ्रेम्स में बदला। फिर एक कीफ्रेम की सहायता से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें यही वायरल वीडियो Discover Goa नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे 18 अप्रैल 2018 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक यह वीडियो गोवा के मापुसा टाउन का है। जहां पर 8 रूसी पर्यटकों को पुलिस के साथ मारपीट और गलत व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने एक बार फिर से वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इस दौरान पता चला कि पुलिस की गाड़ी पर गोवा पुलिस लिखा हुआ था। जिससे ये तो साफ होता है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें O Heraldo की वेबसाइट पर वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट मिली। जिसे 26 नवंबर 2008 को प्रकाशित किया गया था। कुछ तकनीकी परेशानी के कारण ये रिपोर्ट पूरी तरह से वेबसाइट पर मौजूद नहीं है। लेकिन वेबसाइट पर दी गई हेडलाइन के मुताबिक गोवा के मापुसा टाउन में रूसी पर्यटकों को पुलिस के साथ हाथापाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

सर्च को आगे बढ़ाते हुए हमने O Heraldo की इस पूरी खबर को इंटरनेट पर सर्च करना शुरू किया। इस दौरान हमें इस खबर से जुड़ी एक चैट रेडिट पर प्राप्त हुई। जिसमें इस खबर का पूरा हिस्सा मौजूद था। रेडिट पर मौजूद इस रिपोर्ट के अनुसार, गोवा के मापुसा में भगवा रंग के कपड़े पहने कुछ रूसी पर्यटक ढोलक और हारमोनियम लेकर सड़क पर हरे रामा हरे कृष्णा का जाप कर रहे थे। जिसके कारण वहां पर लोगों को और ट्रैफिक पुलिस को परेशानी हो रही थी। बार-बार सड़क पर ट्रैफिक जाम लग रहा था। जिससे तंग आकर वहां के लोगों ने इसकी शिकायत पुलिसकर्मियों से की। परेशानी को हल करने के लिए पुलिसकर्मी वहां पर पहुंचे और रूसी पर्यटकों को वहां से जाने के लिए कहा। लेकिन पर्यटकों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद धीरे-धीरे मामला बढ़ गया और रूसी पर्यटकों ने पुलिस पर हमला कर दिया। जिसके बाद वहां पर मौजूद लोग पुलिस के सपोर्ट में आ गए। थोड़ी देर बाद पुलिस ने 8 रूसी पर्यटकों को गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गए। इस पूरी घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक वायरल वीडियो ना तो हाल-फिलहाल का है और ना ही पश्चिम बंगाल का है। वायरल वीडियो करीब 12 साल पुराना गोवा के मापुसा टाउन का है। जिसे अब गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

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Result: False

Claim Review: पश्चिम बंगाल में हिंदू धर्म का प्रचार करने पर पुलिस ने की मार-पीट।
Claimed By: Viral Social Media Post
Fact Check: False

Our Sources

Youtueb –https://www.youtube.com/watch?v=F2GWNqwwjXA

Reddit –https://www.reddit.com/r/india/comments/18tj7z/russian_hare_krishna_vs_indian_police/c8hzbsx/

O Heraldo-https://www.heraldgoa.in/Goa/a-russian-member-of-the-hare-ram-hare-krishna-sect-confronts-a-police-officer-outside-the-mapusa-taxi-stand-/19103


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.
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