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Fact Check: कतर द्वारा 8 भारतीयों की सजा माफ़ किए जाने का वायरल दावा फर्ज़ी है

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
क़तर ने सभी 8 भारतीयों की मौत की सजा को रद्द कर दिया है.

Fact
वायरल दावा गलत है, क़तर सरकार ने अभी तक ऐसा कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.

सोशल मीडिया पर खाड़ी देश क़तर में मौत की सजा पाए 8 भारतीयों को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है. वायरल दावे में कहा जा रहा है कि “क़तर ने 8 लोगों की मौत की सजा रद्द कर दी और कहा कि भारत की दोस्ती अधिक महत्वपूर्ण है”.

हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि वायरल दावा गलत है. क़तर सरकार ने अभी तक ऐसा कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया है.

बीते 26 अक्टूबर 2023 को क़तर की एक अदालत ने जासूसी करने के कथित आरोप में भारतीय नौसेना के सात पूर्व अधिकारियों और एक नाविक को मौत की सजा सुनाई थी. ये सभी भारतीय नागरिक क़तर की राजधानी दोहा में एक निजी कंपनी अल दहरा के लिए काम करते थे. भारत सरकार ने इस सजा के ख़िलाफ़ क़तर की उच्च अदालत में एक अपील भी दायर की है. इस अपील की पहली सुनवाई 30 नवंबर को हुई थी और अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी.

वायरल दावे को फेसबुक पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया है, “कतर ने 8 लोगों की मौत की सजा रद्द करने की घोषणा की, कहा भारत के साथ दोस्ती अधिक महत्वपूर्ण हे”. 

 

 Courtesy: FB/pradeep.tanwar.73700

फ़ेसबुक पर मौजूद वायरल दावे से जुड़े अन्य पोस्ट आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.

Fact Check/Verification

Newschecker ने वायरल दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया. हमें ऐसी कोई न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें वायरल दावे का ज़िक्र किया गया हो.

इसके बाद हमने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का आधिकारिक X अकाउंट भी खंगाला. इस दौरान हमें उनके X अकाउंट पर भी ऐसा हालिया ट्वीट नहीं मिला, जो वायरल दावे की पुष्टि करता हो.

पड़ताल के दौरान हमें 1 दिसंबर 2023 को हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि का इस संबंध में दिया गया एक बयान मौजूद था. जिसमें उन्होंने कहा था कि “कतर में मौजूद सभी पूर्व नौसेना अधिकारी काफ़ी अनुभवी हैं. भारत सरकार उन सभी की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है”.

 Courtesy: HT

इसके बाद हमने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए अरब में मौजूद फैक्ट चेकिंग आउटलेट मिसबार की फैक्ट चेकर बयान हमदान से भी संपर्क किया. उन्होंने भी वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा कि “क़तर सरकार की तरफ़ से इस तरह का कोई ऐलान नहीं किया गया है”.

बता दें कि 26 अक्टूबर 2023 को क़तर की अदालत ने जासूसी के कथित आरोप में 7 पूर्व नौसेना अधिकारीयों और एक नाविक को मौत की सजा सुनाई थी. इन सभी भारतीयों को अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था. क़तर में मौत की सजा पाने वाले भारतीयों के नाम हैं, “कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर एस के गुप्ता, कमांडर बीके वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला और नाविक रागेश. 

हमने अपनी जांच में विदेश मंत्रालय और मौत की सजा वाले भारतीयों के परिवारजनों से भी संपर्क करने की कोशिश की है, उनका जवाब आने पर स्टोरी को अपडेट कर दिया जाएगा.

Conclusion

हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से साफ़ है कि क़तर में भारतीयों की सजा माफ़ किए जाने का वायरल दावा फर्ज़ी है.

Result: False

Our Sources
HT Website: Report Published on 1st Dec 2023
Conversation With Misbar Fact Checker Bayan Hamdan

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Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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