शनिवार, जून 15, 2024
शनिवार, जून 15, 2024

होमFact CheckFact Check: क्या राजस्थान सरकार ने कन्हैयालाल के परिवार को दिया था...

Fact Check: क्या राजस्थान सरकार ने कन्हैयालाल के परिवार को दिया था 5 लाख रुपए का मुआवजा? यहां पढ़ें सच

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
राजस्थान सरकार ने इक़बाल के परिवार को दिए 50 लाख, जबकि कन्हैयालाल के परिवार को मिले थे सिर्फ़ 5 लाख रुपए.
Fact
वायरल दावा फ़र्ज़ी है. राजस्थान सरकार ने कन्हैयालाल के परिजनों को 50 लाख रुपए की सहायता राशि के साथ ही उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी भी दी थी.

बीते शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर में रोडरेज के बाद इकबाल नाम के एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इक़बाल की हत्या के बाद राजस्थान सरकार ने उसके परिजनों के लिए 50 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की. अब इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है कि “राजस्थान की गहलोत सरकार ने इकबाल के परिजनों को तो 50 लाख रुपए दिए लेकिन उन्होंने पिछले साल उदयपुर में हुए कन्हैयलाल हत्याकांड में उनके परिजनों को सिर्फ़ 5 लाख रुपए दिए थे”.

हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि वायरल दावा फ़र्ज़ी है. गहलोत सरकार ने कन्हैयालाल के परिजनों को भी 50 लाख रुपए की सहायता राशि दी थी और साथ ही उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी भी दी थी. कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने भी इसकी पुष्टि की है.

बीते शुक्रवार को जयपुर के रामगंज का रहने वाला इकबाल अपने भाई के साथ कहीं जा रहा था, तभी उसकी बाइक की टक्कर राहुल नाम के एक युवक की बाइक से हो गई. इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा होने लगा, तभी वहां मौजूद एक बुजुर्ग ने बीच बचाव करने की कोशिश की. इसी दौरान इकबाल की बहस वहां मौजूद लोगों से भी हो गई. इसके बाद वहां खड़े लोगों ने लाठी डंडों से इकबाल को पीटना शुरू कर दिया.

पिटाई में गंभीर रूप से घायल होने पर इकबाल को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. इक़बाल की हत्या के बाद राज्य सरकार की तरफ़ से उसके परिजनों को 50 लाख रुपए की सहायता राशि और डेयरी बूथ आवंटित किया गया है. इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी वादा किया गया है.

वायरल दावे को इकबाल के परिवार को सौंपे गए चेक की तस्वीर के साथ शेयर किया जा रहा है. फ़ेसबुक पर मौजूद वायरल दावे से जुड़े पोस्ट वाले कैप्शन में लिखा है, “जयपुर के रामगंज में आपसी झगड़े में मारे गए इकबाल को 50 लाख सरकारी मुआवजे की घोषणा और उदयपुर में कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या की गई थी तब 5 लाख का मुआवजा दिया गया था । फर्क साफ है, यही है कांग्रेस की भेदभाव की नीति”.

Courtesy: Facebook/kanhaiyalalonlin

इसके अलावा, इसी तरह के दावे को X (पूर्व में ट्विटर) पर भी शेयर किया गया है.

Fact Check/Verification

Newschecker ने वायरल दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले संबंधित कीवर्ड की मदद से न्यूज़ रिपोर्ट खंगाली. हमें 30 जून 2022 को नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली.

Courtesy: NBT

रिपोर्ट के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाली बीजेपी नेता नूपुर के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने पर उदयपुर में 28 जून 2022 को कन्हैयालाल नाम के दर्जी की हत्या मोहम्मद रियाज अंसारी और मोहम्मद गौस नाम के दो व्यक्तियों ने कर दी थी. कन्हैयालाल की हत्या के बाद प्रदेश भर में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया था, जिसके बाद गहलोत सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक के बाद उन्होंने मृतक कन्हैयालाल के परिवार को 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी.

इसके बाद हमने ऊपर मिली जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का फ़ेसबुक अकाउंट खंगाला तो हमें 29 जून 2022 को किया गया फ़ेसबुक पोस्ट मिला. पोस्ट में उन्होंने आश्रित परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था.

इसी दौरान हमें कुछ अन्य रिपोर्ट्स भी मिली, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आर्थिक सहायता के अलावा उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था. इसलिए हमने इससे जुड़े कीवर्ड से न्यूज़ रिपोर्ट खंगाली, तो हमें 22 जुलाई 2022 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली. 

Courtesy: Dainik Bhaskar

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, उदयपुर में कन्हैयालाल साहू की निर्मम हत्या के 25 दिन बाद दोनों बेटों ने सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी. कन्हैयालाल के बड़े बेटे तरुण को शहर कोषाधिकारी कार्यालय और छोटे बेटे यश को ग्रामीण कोषाधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति दी गई थी. इस नियुक्ति के लिए कैबिनेट की तरफ़ से कुछ नियमों को बदलने की मंजूरी भी दी गई थी.

जांच में हमें अशोक गहलोत के आधिकारिक X हैंडल से 28 जुलाई 2022 को किया गया एक ट्वीट भी मिला था, जिसमें उन्होंने कर्नाटक में हुए एक भाजपा नेता की हत्या को लेकर कर्नाटक सरकार से आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और परिजनों को सहायता देने की मांग की थी. इस दौरान उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि “हमने उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड में चार घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया था. साथ ही हमारी सरकार ने उनके परिजनों को 50 लाख की सहायता राशि और उनके दोनों बेटों को नौकरी भी दी”.

पड़ताल के दौरान हमें राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आधिकारिक X अकाउंट से किया गया एक ट्वीट भी मिला, जिसमें उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए लिखा है कि “कन्हैया लाल के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राजस्थान सरकार द्वारा दी गई तथा परिवार के दो सदस्यों को नियमित सरकारी नौकरी प्रदान की गई”.

हमने अपनी जांच को पुख्ता बनाने के लिए कन्हैयालाल साहू के बेटे यश साहू से भी संपर्क किया. उन्होंने भी वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा कि “राज्य सरकार की तरफ़ से 50 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है और दोनों भाईयों को राज्य सरकार में नौकरी भी मिली है”. 

Conclusion   

हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से साफ़ है कि वायरल दावा ग़लत है. राजस्थान की गहलोत सरकार ने मृतक कन्हैयालाल के परिजनों को 50 लाख़ रुपए की आर्थिक सहायता एवं उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी दी थी.

Result: False

Our Sources
Article Published on 30th June 2022 by Navbharat Times
Article Published on 22nd July 2022 by Dainik Bhaskar
FB Post of 29th June 2022 by Rajasthan CM Ashok Gehlot
Tweet of 28th July 2022 by Rajasthan CM Ashok Gehlot
Tweet of 2nd October 2023 by Department of Information & Public Relations (DIPR), Rajasthan
Telephonic Conversation with Kanhaiyalal’Son

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

फैक्ट-चेक और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारा WhatsApp चैनल फॉलो करें: https://whatsapp.com/channel/0029Va23tYwLtOj7zEWzmC1Z

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular