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त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा में 100 प्रतिशत से अधिक पोलिंग का क्या है सच? पढ़ें यह रिपोर्ट

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा में हुई 100 प्रतिशत से अधिक पोलिंग.

Fact
मतदान कर्मियों द्वारा वोट डाले जाने की वजह से कुछ पोलिंग सेंटर पर 100% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई.

बीते 19 अप्रैल को लोकसभा के पहले फेज में त्रिपुरा सहित कई राज्यों में वोटिंग हुई. वोटिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक दावा काफी वायरल हुआ, जिसमें यह कहा गया कि ईवीएम में गड़बड़ी हुई और त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा में 100 प्रतिशत से अधिक पोलिंग हुई.

हालांकि हमने अपनी जांच में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मतदान कर्मियों द्वारा वोट डाले जाने की वजह से त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा के कुछ पोलिंग सेंटर पर 100% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई.

पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है, “त्रिपुरा में 110% पोलिंग हुई, मान लीजिये कि एक गांव में 100 लोग रहते हैं और वोट 110 लोगों ने की. EVM कोई भी जादू कर सकता है”.


Courtesy: X/Amitjanhit

इतना ही नहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्कसिस्ट) के त्रिपुरा सचिव जितेंद्र चौधरी ने 22 अप्रैल 2024 को इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त को भी पत्र लिखा था.


Courtesy: FB/cpimtripuraofficialpage

Fact Check/ Verification

वायरल दावे वाले कुछ ट्वीट्स को खंगालने पर हमें त्रिपुरा वेस्ट के जिला निर्वाचन अधिकारी के X अकाउंट से 23 अप्रैल 2024 को किया गया रिप्लाई मिला. रिप्लाई में इस संबंध में जारी किया गया प्रेस रिलीज मौजूद था.

Courtesy: X/ElectionWest

प्रेस रिलीज में बताया गया है कि त्रिपुरा वेस्ट के चार बूथों पर वोटिंग के संबंध में कुछ शिकायत मिली थी. जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने इस मामले की जांच की तो पाया कि वोटिंग के आंकड़ों में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, बल्कि चुनाव कार्य में लगे Election Duty Certificate वाले कर्मियों द्वारा वोट डालने की वजह से कुछ पोलिंग स्टेशन में 100% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है. 

प्रेस रिलीज में उन चार पोलिंग स्टेशनों पर डाले गए वहां के स्थानीय वोटर्स और ईडीसी वाले वोट के पूरे आंकड़े दिए गए थे. जिसे आप नीचे मौजूद टेबल में आसानी से समझ सकते हैं.

Polling CentreTotal Assigned votersTotal votes against Assigned votersvoters of other assembly (EDC votes)Total votes including EDCPercentage
Part no 44 of 10-majlishpur assembly54549868563103.85
Part no 44 of 5-khayerpur assembly129010537106082.17
Part no 25 of 5-khayerpur assembly840734573987.97
part no 38 of 2-mohanpur assembly45242963492108.84

इसके अलावा, हमें वेस्ट त्रिपुरा के डीएम के X अकाउंट से 24 अप्रैल 2024 को किया गया ट्वीट भी मिला, जिसमें उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से 100% से ज्यादा वोटिंग होने वाले दावे का खंडन किया था. अंग्रेज़ी में किए गए इस ट्वीट का हिंदी अनुवाद है, “ उच्च प्रतिशत का कारण यह है कि कुछ वोट ड्यूटी पर तैनात मतदान कर्मचारियों द्वारा इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट का उपयोग करके डाले गए हैं जो एक सामान्य प्रक्रिया है और ईवीएम में कोई खराबी नहीं है”.

Courtesy: X/DMWest_Tripura

जांच में हमें त्रिपुरा के मुख्य चुनाव अधिकारी के आधिकारिक X अकाउंट से किया गया रिप्लाई भी मिला. रिप्लाई में उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी के दावे को गलत और भ्रामक बताया था. त्रिपुरा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने रिप्लाई में लिखा था, “यह जानकारी पूरी तरह से गलत और भ्रामक है. 1-पश्चिम त्रिपुरा संसदीय क्षेत्र के भीतर, कुछ मतदान केंद्र ऐसे रहे हैं जहां बड़ी संख्या में चुनाव अधिकारियों ने EDC (Election Duty Certificate) के तहत उन केंद्रों में मतदान किया जिसके कारण मतदान प्रतिशत 100% से अधिक आया. कृपया ध्यान दें कि, EDC चुनाव अधिकारियों को उनके संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान करने की अनुमति देता है”.

Courtesy: X/ceotripura

इसके अलावा हमें Election Duty Certificate के संबंध में चुनाव आयोग द्वारा 7 मार्च 2014 को जारी किया गया गाइडलाइन भी मिला. इस गाइडलाइन में लिखा हुआ था, “निर्वाचन नियम 1960 के नियम 20 के प्रावधानों के तहत, चुनाव ड्यूटी पर तैनात व्यक्ति द्वारा मताधिकार का प्रयोग दो तरीकों से किया जा सकता है. यदि व्यक्ति उसी निर्वाचन क्षेत्र में ड्यूटी पर है जहां वह निर्वाचक(मतदाता) के रूप में नामांकित है, तो उसे “इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट” (ईडीसी) दिया जाता है, जो उसे उसी निर्वाचन क्षेत्र के किसी अन्य मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने का अधिकार देता है जहां वह चुनाव ड्यूटी में है. दूसरी ओर, यदि व्यक्ति उस निर्वाचन क्षेत्र के अलावा किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में ड्यूटी पर है, जिसमें वह मतदाता के रूप में नामांकित है, तो वह पोस्टल बैलेट द्वारा मतदान करने का हकदार है”.

Conclusion

हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा में 100% से अधिक पोलिंग होने का वायरल दावा भ्रामक है.

Result: False

Our Sources
Tweet by DEO west Tripura on 23rd April 2024
Tweet by DM west Tripura on 24th April 2024
Tweet by CEO Tripura on 23rd April 2024

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Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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