शुक्रवार, अगस्त 6, 2021
शुक्रवार, अगस्त 6, 2021
होमFact CheckViralनहीं बदला गया भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम, फेक दावा...

नहीं बदला गया भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम, फेक दावा हुआ वायरल

दिसंबर, साल 2020 में पूर्व सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रभात झा ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग की थी। उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखकर इसकी मांग की थी। उन्होंने हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने का सुझाव दिया था। प्रभात झा ने कहा था कि हबीबगंज नाम का कोई इतिहास नहीं था। ऐसे में सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है, “मध्य प्रदेश के ‘हबीबगंज रेलवे स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘महाराजा सिंधुराज’ हो गया है। अब मामा जी भी योगी जी की राह पर चल पड़े हैं।”

दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष प्रयागराज में स्थित चारों रेलवे स्टेशनों का नाम बदल दिया था। इनमें प्रयागराज का मुख्य रेलवे स्टेशन इलाहाबाद जंक्शन समेत इलाहाबाद सिटी, इलाहाबाद छिवकी और प्रयाग घाट स्टेशन हैं। सीएम योगी द्वारा इन सभी स्टेशनों के नामों को बदलकर इनका नाम क्रमश: प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज छिवकी और प्रयागराज संगम कर दिया गया था। ये चारों स्टेशन प्रयागराज में 12 से 14 किलोमीटर के दायरे में आते हैं।

हबीबगंज

‘हबीबगंज रेलवे स्टेशन’ को लेकर किए जा रहा दावा, फेसबुक और ट्विटर पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

Crowd Tangle टूल पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि वायरल दावे को सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स द्वारा शेयर किया गया है।

हमारे आधिकारिक WhatsApp नंबर (9999499044) पर भी वायरल दावे की सत्यता जानने की अपील की गई थी।

वायरल पोस्ट के आर्काइव वर्ज़न को यहां और यहां देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

हबीबगंज रेलवे स्टेशन को लेकर किए जा रहे दावे की सत्यता जानने के लिए, हमने पड़ताल शुरू की। Google Keywords Search की मदद से खंगालने पर हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे साबित होता हो कि ‘हबीबगंज रेलवे स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘महाराजा सिंधुराज’ रख दिया गया हो। अगर शिवराज सरकार द्वारा इस तरह का फैसला लिया गया होता तो यह खबर चर्चा का विषय जरूर होती।

पड़ताल जारी रखते हुए, हमने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आधिकारिक ट्विटर हैंडल खंगालना शुरू किया। पड़ताल के दौरान हमें, वहां भी वायरल दावे से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। अगर ‘हबीबगंज रेलवे स्टेशन’ का नाम सही में बदला गया होता, तो इस बात की जानकारी सीएम शिवराज सिंह ट्वीट के ज़रिए जरूर देते।

पड़ताल के दौरान, हमें indianrailinfo.com की वेबसाइट पर जानकारी मिली कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन भोपाल के बड़े स्टेशनों में शामिल है।

हबीबगंज

Prokeraia.com की वेबसाइट पर हमें, मध्य प्रदेश के सभी मेन रेलवे स्टेशन (List of Main Railway Station of Madhya Pradesh) और उनके कोड के बारे में जानकारी मिली। इसके मुताबिक, हबीबगंज पांचवे नंबर का स्टेशन है, जिसका कोड HBJ है।

हबीबगंज

Google सर्च करने पर हबीजगंज रेलवे स्टेशन के बारे में जानकारी मिलती है कि, ‘यह भारतीय रेलवे का स्टेशन है।’ यह स्टेशन भोपाल शहर में स्थित है।

हबीबगंज
हबीबगंज

West Central Railway की आधिकारिक वेबसाइट खंगालने पर, हमें जानकारी मिली कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन, भोपाल डिविजन (Bhopal Division) की ‘A Category’ में शामिल है।

हबीबगंज

वायरल दावे की तह तक जाने के लिए, हमने West Central Railway Chief Public Relation Officer Rahul Jaipuria (WCP  CPRO Rahul Jaipuria) से संपर्क किया। बातचीत मे उन्होंने हमें बताया, “सोशल मीडिया पर ‘हबीबगंज रेलवे स्टेशन’ को लेकर किया जा रहा दावा बिल्कुल गलत है। इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर महाराजा सिंधुराज कर दिया गया है।”

Read More: क्या भारत में कोरोना की तीसरी लहर ने दी दस्तक? जानें वायरल दावे का सच

Conclusion

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे का बारीकी से अध्ययन करने पर, हमने पाया कि हबीबगंज रेलवे स्टेशन को लेकर किया जा रहा दावा बिल्कुल गलत है। पड़ताल के दौरान हमने पाया कि सरकार द्वारा हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। लोगों को भ्रमित करने के लिए इस तरह का दावा किया जा रहा है।   


Result: False


Our Sources

Twitter

indianrailinfo.com

Prokeraia.com

Google सर्च

West Central Railway

Phone Verification


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in


Neha Verma
After working for India News and News World India, Neha decided to provide the public with the facts behind the forwards they are sharing. She keeps a close eye on social media and debunks fake claims/misinformations.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular