शनिवार, दिसम्बर 10, 2022
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पाकिस्तानी एक्टर हमज़ा अली अब्बासी ने नहीं कहा खुद को LeT का सिपाही

Claim

पाकिस्तानी एक्टर हमज़ा अली अब्बासी ने आंतकवादी हाफिज सईद की तारीफ कर खुद को बताया लश्कर ए तैयबा का सिपाही

Verification

सोशल मीडिया में पाकिस्तानी एक्टर हमज़ा अली अब्बासी को लेकर पोस्ट वायरल हो रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि अब्बासी ने खुद को लश्कर-ए-तैयबा का सिपाही बताया है।

वायरल हो रहे ट्वीट को लेकर हमनें पड़ताल शुरू की। गूगल पर कीवर्ड्स की मदद से खोज की तो brecorder.com की खबर मिली जिसमें अर्णब गोस्वामी द्वारा अब्बासी को अंडरकवर ISI एजेंट कहे जाने के बाद पाकिस्तान के लोगों का अब्बासी को समर्थन मिलने का उल्लेख किया गया है। हमें इस खबर में कहीं पर भी हमज़ा अली अब्बासी ने खुद को लश्कर ए तैयबा का सदस्य बताया इसका जिक्र नहीं किया गया था। इसके बाद भी हमनें अपनी पड़ताल जारी रखी। ट्वीट में वायरल फोटो को हमनें Yandex की मदद से खोजा तो हमें tribune.com की खबर मिली जिसमें अब्बासी द्वारा हाफिज सईद की तारीफ करने का जिक्र था। खबर में लिखा गया था कि अब्बासी ने ट्वीट कर कहा है कि हाफिज सईद सबसे अच्छे, सबसे विनम्र लोगों में से एक है जिनसे मैं मिला हूं। 

साथ ही हमें 2018 में छपी हिंदी न्यूज18 की खबर मिली जिसमें यही लिखा गया था कि पाकिस्तानी स्टार ने हाफिज सईद को सबसे विनम्र आदमी बताया है। लेकिन इन दोनों खबरों में कहीं पर भी अब्बासी लश्कर ए तैयबा का सदस्य होने का या उसके द्वारा इस बारे में खुलासा किए जाने का जिक्र नहीं था।  

जब हमनें वायरल ट्वीट में दिए गए लिंक पर क्लिक किया तो हमें वहीं खबर मिली जिसमें लिखा गया था कि अब्बासी लश्कर का सिपाही है। हालांकि पूरी खबर पढ़ने पर पता चला कि नायला इनायत ने पाकिस्तान टुडे की उपाहासात्मक खबर को ट्वीट किया था। इस खबर को मजाक के तौर पर बनाए जाने की सूचना खबर मॆं लगे फोटो के कैप्शन मे दी गई है।

Tools Used 

  • Twitter Advanced Search 
  • Yandex
  • Google Keyword Search

 

 Result- False

Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
Yash Kshirsagar
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After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.

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