गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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सोशल मीडिया में मॉकड्रिल की तस्वीर को साम्प्रदायिक रंग देने की हो रही कोशिश, झाँसी से नहीं है इसका कोई वास्ता

Claim

सोशल मीडिया में वायरल हो रही एक वीडियो में दावा किया गया है कि झाँसी में मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार होने के बाद भी प्रसाशन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। इस पोस्ट को शेयर करने की बात भी कही गई है।

Verification:

सोशल मीडिया पर इन दिनों ऑडियो के साथ एक फोटो को तेजी से शेयर किया जा रहा है। तस्वीर में कुछ लड़कियां जो देखने में किसी स्कूल की छात्राएं जान पड़ती हैं, पेड़ के नीचे एक चबूतरे पर बैठी दिखाई दे रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि उनके चेहरे पर चोट या जख्म के निशान हैं।

चित्र के साथ चल रहे ऑडियो में कहा जा रहा है कि झाँसी के कई इलाकों में हिन्दू-मुसलमानों के बीच खूनी संघर्ष चल रहा है। इस वीडियो को मुसलामानों तक पहुंचाने की बात करने वाले ऑडियो का दावा है कि उनकी बात प्रसाशन भी नहीं सुन रहा।

चित्र को बारीकी से खोजने पर हमें Youtube पर यह वीडियो प्राप्त हुआ। यह वही क्लिप है जिसे वायरल किया जा रहा है।

पड़ताल के दौरान हमें यह पता चल गया कि यह तस्वीर किस जगह की है। पता यह चला कि वायरल हो रही क्लिप का यूपी के झाँसी जिले से कोई कनेक्शन नहीं है। दरअसल यह पूरा मामला असली ना होकर मॉकड्रिल का है।

हमारी पड़ताल के दौरान उस स्कूल की वेबसाइट भी मिली जहां इस पूरे मामले को दर्शाया गया है। यह एक मॉकड्रिल है जिसे केरल अग्निमश्न बल की मलप्पुरम इकाई, कुट्टूर पंचायत और स्कूल, कुट्टूर नॉर्थ KMHSS द्वारा संचालित किया गया था। 

इस पूरी मॉकड्रिल को नीचे दिए गए वीडियो में देखा जा सकता है। वीडियो के 7:15 पर आपको वायरल हो रहा चित्र भी दिख जाएगा।

हमारी पड़ताल में साफ़ हो गया कि यह क्लिप झाँसी की नहीं है। चित्र के साथ चलाया जा रहा ऑडियो पूरी तरह से गलत है।

Tools Used

  • Google Reverse Image
  • Twitter Advanced Search
  • YouTube

Result: Misleading

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