गुरूवार, जून 13, 2024
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क्या टाटा समूह ने लांच की घर बैठे कोरोना के इलाज की किट?

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Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

व्हाट्सऐप ग्रुप्स में एक फॉरवर्ड शेयर किया जा रहा है जिसे टाटा हेल्थ के द्वारा जारी किया गया बताया जा रहा है। वायरल संदेश में घर बैठे कोरोना वायरस के इलाज से सम्बंधित तमाम दावे किये गए हैं। व्हाट्सऐप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा इस प्रकार है:

Covid Medical kit Required at home:

1. Paracetamol

2. Betadine for mouthwash and gargle

3. Vitamin C and D3

5. B complex

6. Vapour+ capsules for steam

7. Oximeter

8. Oxygen cylinder (for emergency only)

9. arogya Setu app

10.Breathing Exercises

Covid Three stages:

1. Covid only in nose – recovery  time is half a day. (Steam inhaling), vitamin C. Usually no fever. Asymptomatic.

2. Covid in throat – sore throat, recovery time 1 day (hot water gargle, warm water to drink, if temp then paracetamol. Vitamin C, Bcomplex. If severe than antibiotic.

3. Covid in lungs- coughing and breathlessness 4 to 5 days. (Vitamin C, B complex, hot water gargle, oximeter, paracetamol, cylinder if severe, lot of liquid required, deep breathing exercise.

Stage when to approach hospital:

Monitor the oxygen level. If it goes near 43 (normal 98-100) then you need oxygen cylinder. If available at home, then no hospital else admit.

Stay healthy, Stay Safe!

 Please fwd to your contacts in India. You never know who it may help.

Tata Group has started good initiative, they are providing free doctors consultation online through chats. This facility is started for you so that you need not to go out for doctors and you will be safe at home.

Below is the link, I reqest everyone to take benefit of this facility.

https://www.tatahealth.com/online-doctor-consultation/general-physician

हिंदी अनुवाद: 

कोरोना वायरस से बचाव के लिए होम किट:

1. पैरासिटामॉल 

2. माउथ वाश और कुल्ला करने के लिए बेटाडीन

3. विटामिन सी और डी3 

4. बी काम्प्लेक्स

5. भाप और भाप के लिए कैप्सूल्स

6. ऑक्सीमीटर

7. ऑक्सीजन सिलेंडर (केवल आपातकालीन प्रयोग के लिए)

8. आरोग्य सेतु ऐप

9. स्वसन अभ्यास

कोरोना वायरस के तीन चरण

1. केवल नाक में कोरोना वायरस- आधे दिन में रिकवरी (भाप लेने से), विटामिन सी, सामान्यतः कोई बुखार नहीं, कोई लक्षण नहीं.

2. गले में कोरोना वायरस- गले में खरास, 1 दिन में रिकवरी (गर्म पानी पीने और गलाला करने से), अगर बुखार है तो पैरासीटामॉल. (विटामिन सी, बी काम्प्लेक्स, गर्म पानी से गलाला, गर्म पानी पीना, अगर बुखार है तो पैरासीटामॉल. विटामिन सी, बी काम्प्लेक्स. अगर गंभीर हैं तो एंटीबायोटिक.

3. फेंफड़े में कोरोना वायरस- खांसी और सांस लेने में तकलीफ, 4 से 5 दिन. ( विटामिन सी, बी काम्प्लेक्स, गर्म पानी से गलाला, ऑक्सीमीटर, अगर गंभीर हैं तो सिलेंडर, अधिक मात्रा में द्रव पदार्थ ले, स्वसन अभ्यास.

वह चरण जिसमे अस्पताल जाना है- ऑक्सीजन का स्तर मॉनिटर करते रहे. अगर यह 43 (सामान्य 98-100) के आसपास जाता है तो आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत है. अगर यह घर पर उपलब्ध है तो अस्पताल जाने की कोई जरुरत नहीं है अन्यथा अस्पताल का रूख करें.

स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें.

कृपया भारत में अपने कॉन्टैक्ट्स को भेजें. क्या पता इससे किसी की सहायता हो जाये. टाटा ग्रुप ने यह सराहनीय कदम उठाया है, वे मुफ्त में ऑनलाइन डॉक्टर्स की सलाह दे रहें हैं. यह एक प्रयास है ताकि आप घर बैठे कोरोना से लड़ सकें.

निचे इस सुविधा का लाभ उठाने का लिंक है, मैं आप सभी से निवेदन करता हूं कि इस सुविधा का लाभ उठाये.

Verification: कोरोना वायरस को लेकर फैली गलत और भ्रामक जानकारी तथा अफवाहों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. भारत में कोरोना के केसों में वृद्धि के साथ वायरस से जुड़ी गलत जानकारी भी उत्तरोत्तर वृद्धि कर रही है. इसी क्रम में टाटा ग्रुप द्वारा संचालित टाटा हेल्थ से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है. हमारे व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर पर कई यूजर्स द्वारा यही दावा फॉरवर्ड किया गया.

अपनी पड़ताल के पहले चरण में जब हमने वायरल मेसेज के साथ फॉरवर्ड की जा रही लिंक की पड़ताल की तो हमें पता चला कि यह लिंक सच में टाटा हेल्थ की आधिकारिक वेबसाइट पर ले जाता है.

अगर वायरल मैसेज को गौर से देखा जाये तो यह पता चलता है कि यह मैसेज टाटा जैसे किसी प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा लिखा हुआ नहीं हो सकता क्योंकि वायरल मैसेज में कई ऐसी व्याकरणीय गलतियां हैं जो कि आम तौर पर टाटा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा नहीं की जाती है। वायरल मैसेज के पहले भाग में जहाँ घर पर रखे जाने वाले किट का विवरण दिया गया है उसकी नम्बरिंग में 3 के बाद सीधा 5 आता है यानि पॉइंट नंबर 4 है ही नही। अब अगर इस मैसेज को गौर से देखा जाये तो इसमें कई वर्तनी संबंधी गलतियां हैं जैसे कि Aarogya Setu कि वर्तनी को Arogya Setu लिखा गया है, Request को Reqest लिखा गया है। इतना ही नहीं पूरे सन्देश में कई जगहों पर अंग्रेजी व्याकरण के नियमों का पालन नहीं किया गया है जैसे कि कैपिटल लेटर कि जगह स्माल लेटर लिखना, अनावश्यक स्पेस छोड़ना या फिर आवश्यक स्पेस भी ना छोड़ना इत्यादि.

अब अगर वायरल मैसेज में बताये गए बिंदुओं पर ध्यान दें तो पता चलता है कि कोरोना वायरस के जिन तीन चरणों का वायरल मैसेज में जिक्र है वह विश्व स्वास्थ्य संगठन या भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से मेल नहीं खाते।  इतना ही नहीं वायरल मैसेज में घर बैठे कोरोना वायरस के इलाज की बात की गई है जो कि ना सिर्फ भ्रामक है बल्कि जानलेवा भी है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा अनेकों विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संगठनों ने इस बात कि सलाह दी है कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण प्रतीत हो तो उसे तुरंत डॉक्टर कि सलाह लेनी चाहिए या फिर अपने देश या राज्य कि सरकारों द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर लक्षणों की सूचना देनी चाहिए।

वायरल मैसेज की विश्वनीयता जानने के लिए जब हमने टाटा हेल्थ के ट्विटर हैंडल को खंगाला तो हमें पता चला कि टाटा हेल्थ ने इस दावे को फर्जी करार दिया है। एक ट्विटर यूजर द्वारा यही दावा शेयर कर जब टाटा हेल्थ से इसकी विश्वनीयता के बारे में पूछा तब टाटा हेल्थ ने यूजर को जवाब देते हुए यह जानकरी दी कि वायरल मैसेज उनके द्वारा जारी नहीं किया गया है तथा यह मैसेज फर्जी है।

टाटा हेल्थ ने ट्विटर पर पिन किये हुए अपने ट्वीट में लोगों से अपील की है कि वे किसी भ्रामक संदेश पर भरोसा ना करें तथा स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए चिकित्सक का परामर्श लें.

हमारी पड़ताल में यह साबित होता है कि वायरल मैसेज टाटा हेल्थ द्वारा जारी नहीं किया गया है।

Sources

Google Search

Twitter Advanced Search

Result: False

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in)

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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