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गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति ने देश को घोषित किया इस्लामिक राष्ट्र? पुरानी खबर भ्रामक दावे के साथ वायरल

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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति ने मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया है.

ईसाई धर्म के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े धर्म इस्लाम के अनुयायी विभिन्न देशों में पाए जाते हैं. कई देशों में मुस्लिम समुदाय के लोग अल्पसंख्यकों की श्रेणी में आते हैं तो वहीं, कई देशों में ये बहुसंख्यक भी हैं. इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, कुल 57 देश इस वैश्विक संगठन का हिस्सा हैं. United States Commission on International Religious Freedom (USCIRF) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, विश्व में कुल 46 मुस्लिम बाहुल्य देशों में से 23 देशों ने अपने संविधानों में इस्लाम को राष्ट्रीय (राज्य) धर्म बताया है.

इसी क्रम में सोशल मीडिया यूजर्स यह दावा कर रहे हैं कि गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति ने मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया है.

Fact Check/Verification

गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति द्वारा मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर देने के नाम पर शेयर किए जा रहे इस दावे की पड़ताल के लिए हमने ‘gambia declared islamic nation’ कीवर्ड को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें यह जानकारी मिली कि साल 2015 में गाम्बिया के तत्कालीन राष्ट्रपति ने देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित किया था.

गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति ने मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया है.
गूगल सर्च से प्राप्त परिणाम

पड़ताल के दौरान The Guardian, Arab News और Al Jazeera द्वारा साल 2015 के दिसंबर माह में प्रकाशित लेखों में भी जानकारी दी गई है कि इस साल गाम्बिया के तत्कालीन राष्ट्रपति Yahya Jammeh ने देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया था. BBC द्वारा 22 जनवरी, 2016 को प्रकाशित लेख में भी यही जानकारी दी गई है.

इसी प्रकार, अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा साल 2020 में हुई घटनाओं को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में गाम्बिया के तत्कालीन राष्ट्रपति Yahya Jammeh ने देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया था, जिसे 2017 में मौजूदा राष्ट्रपति Adama Barrow ने ‘इस्लामिक राष्ट्र’ को संविधान के मसौदे से हटा दिया था.

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट का एक अंश

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा गाम्बिया में साल 2021 में धार्मिक गतिविधियों एवं उनके प्रति सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर 2 जून, 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के तमाम दावों के बावजूद भी संविधान के मसौदे में सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) शब्द नहीं जोड़ा गया. हालांकि, 1997 में लागू किए गए संविधान की ही तरह इसमें भी सभी धर्मों के अनुयायियों को धार्मिक कार्य करने की स्वतंत्रता की बात कही गई है. राष्ट्रपति Adama Barrow ने 2021 में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में भी देश में धार्मिक मतभिन्नता का जिक्र किया था.

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट का एक अंश

गौरतलब है कि दावे के साथ शेयर की जा रही तस्वीर साल 2017 से ही इंटरनेट पर मौजूद है.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि गाम्बिया के मौजूदा राष्ट्रपति द्वारा मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर देने के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. असल में यह निर्णय साल 2015 में गाम्बिया के तत्कालीन राष्ट्रपति Yahya Jammeh ने लिया था. बता दें कि मौजूदा राष्ट्रपति Adama Barrow ने संविधान से इस्लामिक राष्ट्र हटाने की घोषणा भी की है.

Result: Missing Context

Our Sources

Reports released by United States Department of State
Media reports

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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