मंगलवार, जून 25, 2024
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सेना के जवानों पर मतदान में फर्जीवाड़े का आरोप लगाने के दावे से वायरल हुआ पांच साल पुराना वीडियो

Authors

Vasudha noticed the growing problem of mis/disinformation online after studying New Media at ACJ in Chennai and became interested in separating facts from fiction. She is interested in learning how global issues affect individuals on a micro level. Before joining Newschecker’s English team, she was working with Latestly.

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
भारतीय सेना के जवानों को फर्जी वोट डालने के लिए लगा दिया गया है.

Fact
वायरल वीडियो लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर का है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना के जवानों को मतदान में फर्जीवाड़े के लिए लगा दिया गया है.

हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर का है. उस दौरान कुछ लोगों ने भारतीय सेना के जवानों पर भाजपा के पक्ष में वोट डलवाने के आरोप लगाए थे, जिसका भारतीय सेना ने खंडन किया था.

वायरल वीडियो करीब 2 मिनट 14 सेकेंड का है, जिसमें कुछ लोग वर्दीधारियों पर भाजपा के पक्ष में फर्जी वोटिंग करवाने के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो में एक व्यक्ति स्थान के तौर पर कैंट विधानसभा क्षेत्र बताता हुआ दिख रहा है.

वीडियो को वायरल दावे वाले कैप्शन के साथ शेयर करते हुए लिखा गया है कि “लोकतंत्र ख़त्म, तानाशाह इतना नीचे गिर गया है कि आर्मी के जवान लगा दिये फ़र्ज़ी वोट डालने के लिए. हार का डर अगर आप अच्छे काम करते तो ये ना करना पडता”.

Courtesy: X/3395k

Fact Check/Verification

Newschecker ने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए वीडियो शेयर करने वाले कुछ ट्वीट को खंगाला तो पाया कि रिप्लाई सेक्शन में कुछ यूजर्स ने इसे 2019 का बताया है.

Screengrabs from X

इसके बाद हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया तो हमें मई 2019 में किए गए कई फेसबुक पोस्ट मिले, जिसमें यह वीडियो मौजूद था.

Screengrabs from Facebook

पड़ताल के दौरान हमें 2 मई 2019 को न्यू इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली. जिसमें बताया गया था कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में सेना के अधिकारियों ने 29 अप्रैल 2019 को अज्ञात लोगों के खिलाफ सामान्य मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र छीनने की कोशिश करने, छावनी में तैनात सैनिक मतदाताओं को रोकने और सेना की छवि खराब करने के लिए वीडियो प्रसारित करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.

आगे रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि 29 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनावों के लिए मतदान के दिन ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर के सैनिक और उनके परिवार के लोग बूथ नंबर 146 स्वामी विवेकानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, कटंगा, जबलपुर में सेना के वाहन से अपना वोट डालने के लिए जा रहे थे. जब भारतीय सेना के जवान वोट डाल रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने आकर और आपराधिक बल का प्रयोग कर उनके मतदाता पहचान पत्र छीन लिए और उन्हें वोट डालने से रोकने की कोशिश की.

इसी दौरान हमें 1 मई 2019 को एएनआई के आधिकारिक X अकाउंट से किया गया पोस्ट भी मिला, जिसमें बताया गया था कि जबलपुर के सैन्य अधिकारियों ने मतदाता प्रमाण पत्र छीनने और छवि ख़राब करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.

Screengrab from X post by @ANI

इसके अलावा, हमें टाइम्स ऑफ़ इंडिया की वेबसाइट पर भी 3 मई 2019 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए यह दावा किया था कि सेना के एक अधिकारी के जबलपुर से तत्कालीन बीजेपी उम्मीदवार राकेश सिंह के साथ घनिष्ठ संबंध हैं. शिकायत में उन्होंने सेना के एक अधिकारी पर छावनी क्षेत्र में मतदान के दौरान फर्जीवाड़े का समर्थन करने का भी आरोप लगाया था. 

Conclusion

हम अपनी जांच में सेना और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का पता नहीं लगा पाए. लेकिन हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि वायरल वीडियो पुराना है.

Result: Missing Context

Sources
Facebook Post By @subhir.rajanmavunkal, Dated May 2, 2019
Report By The New Indian Express, Dated May 2, 2019
Report By Times of India, Dated May 3, 2019

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Vasudha noticed the growing problem of mis/disinformation online after studying New Media at ACJ in Chennai and became interested in separating facts from fiction. She is interested in learning how global issues affect individuals on a micro level. Before joining Newschecker’s English team, she was working with Latestly.

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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