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करणी सेना के आंदोलन का विरोध कर रहे भीम आर्मी कार्यकर्ता की पुलिस ने की पिटाई? दो साल से ज्यादा पुराना है यह वीडियो

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An Electronics & Communication engineer by training, Arjun switched to journalism to follow his passion. After completing a diploma in Broadcast Journalism at the India Today Media Institute, he has been debunking mis/disinformation for over three years. His areas of interest are politics and social media. Before joining Newschecker, he was working with the India Today Fact Check team.

पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करणी सेना का आंदोलन चल रहा था, जो 12 जनवरी 2023 को सरकार से सहमति बनने के बाद खत्म हो गया. दलितों के अधिकारों की बात करने वाली संस्था भीम आर्मी, करणी सेना के इस आंदोलन का विरोध कर रही थी.

इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि करणी सेना के आंदोलन का विरोध करने आए भीम आर्मी के कार्यकर्ता की पुलिस ने पिटाई कर दी. यह दावा एक वीडियो के साथ किया जा रहा है, जिसमें किसी सड़क पर कुछ पुलिसकर्मी भीम आर्मी के एक कार्यकर्ता जैसा दिखने वाले व्यक्ति को पकड़कर लाठी-डंडे से पीट रहे हैं. वीडियो में गाली-गलौज भी हो रही है.

करणी सेना के आंदोलन का विरोध
Courtesy: Instagram/official_rajputana_community

इंस्टाग्राम और ट्विटर पर यह दावा वायरल हो रहा है. लोग कैप्शन में इस वीडियो के साथ लिख रहे हैं,“भीम आर्मी के कार्य कर्ता करणी सेना का विरोध करने आए थे, ये देखो इनकी हालत…!”.

Fact Check/Verification

वायरल वीडियो में AR News India का वाटरमार्क नजर आ रहा है. खोजने पर हमें इस नाम का एक वेरीफाइड यूट्यूब चैनल मिला. कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो का पूरा वर्जन इस चैनल पर भी मिल गया.

यह भी पढ़ें…ASI शंभू दयाल की हत्या के आरोपी का नाम मोहम्मद अनीस नहीं है, दिल्ली पुलिस ने की पुष्टि

यूट्यूब वीडियो के शुरुआत में वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि चैनल पर इस वीडियो को 8 दिसंबर 2020 को शेयर किया गया था. इसी के साथ वीडियो के टाइटल में लिखा गया है, “Bharat Bandh में पहुंचे Bheem Army के कार्यकर्ताओं के साथ ये क्या हुआ?| Ghazipur Border Protest”.

इतनी बात यहां स्पष्ट हो जाती है कि वीडियो दो साल से ज्यादा पुराना है, हाल फिलहाल का नहीं. AR News India के पूरे वीडियो को देखने से समझ आता है कि दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में भीम आर्मी के लोग पहुंच गए थे. इसी दिन किसानों का भारत बंद भी चल रहा था.

आंदोलन का राजनीतिकरण ना हो इस कारण से किसानों ने भीम आर्मी के लोगों को वहां से जाने के लिए कहा. किसानों के कहने के बाद पुलिस ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को हटाना शुरू किया और इस दौरान एक कार्यकर्ता की पिटाई भी कर दी.

8 दिसंबर 2020 को ही आजतक ने भी इसको लेकर एक खबर प्रकाशित की थी. खबर में वायरल वीडियो जैसा ही एक अन्य वीडियो देखा जा सकता है, जिसमें पुलिस भीम आर्मी के कार्यकर्ता की पिटाई कर रही है.

Conclusion

कुल मिलाकर निष्कर्ष यह निकलता है कि यह सच है कि वायरल वीडियो में पुलिस भीम आर्मी के एक कार्यकर्ता की ही पिटाई कर रही है, लेकिन यह वीडियो दो साल से ज्यादा पुराना है. वीडियो किसान आंदोलन के समय का है. इसका हाल ही में भोपाल में खत्म हुए करणी सेना आंदोलन से कोई संबंध नहीं है.

Result: Partly False

Our Sources

YouTube video of AR News India, uploaded on December 8, 2020
News Report of Aajtak, published on December 8, 2020

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An Electronics & Communication engineer by training, Arjun switched to journalism to follow his passion. After completing a diploma in Broadcast Journalism at the India Today Media Institute, he has been debunking mis/disinformation for over three years. His areas of interest are politics and social media. Before joining Newschecker, he was working with the India Today Fact Check team.

Arjun Deodia
Arjun Deodia
An Electronics & Communication engineer by training, Arjun switched to journalism to follow his passion. After completing a diploma in Broadcast Journalism at the India Today Media Institute, he has been debunking mis/disinformation for over three years. His areas of interest are politics and social media. Before joining Newschecker, he was working with the India Today Fact Check team.

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