शुक्रवार, जुलाई 30, 2021
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरों की पुरानी तस्वीरें शेयर कर किया जा रहा दावा भ्रामक, चक्रवात ‘यास’ से नहीं है इनका कोई संबंध

सोशल मीडिया पर 4 तस्वीरों का एक कोलाज शेयर कर यह दावा किया गया है कि हालिया दिनों में तबाही मचाने वाले चक्रवाती तूफान यास के दौरान ममता बनर्जी एक मात्र ऐसी नेता हैं जो कि जमीन पर स्थिति का जायजा ले रहीं हैं.

कोरोना संक्रमण और चक्रवाती तूफान यास और तौक्ते की दोहरी मार झेल रहे भारत के कई राज्यों ने बीते कुछ महीनों में भीषण तबाही झेली है. तौक्ते और यास चक्रवाती तूफानों से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल और गुजरात प्रमुख हैं. इन चक्रवाती तूफानों की वजह से हजारों लोगों की जान चली गई तो वहीं सैकड़ों परिवार बेघर हुए हैं.

प्राकृतिक आपदा के समय अकसर सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जिसकी वजह से आवागमन प्रभावित होता है. समय की कमी तथा यात्रा में खतरे के अलावा आवागमन बाधित होना भी एक प्रमुख कारण है जिसकी वजह से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या अन्य नेता प्रभावित क्षेत्र का दौरा हेलीकाप्टर से करते हैं. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीरों से बना एक कोलाज शेयर कर यह दावा किया गया कि ममता बनर्जी एकमात्र ऐसी नेता हैं जो कि सड़क मार्ग से यात्रा कर चक्रवाती तूफान यास प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास कर रही हैं.

Fact Check/Verification

चक्रवाती तूफान यास प्रभावित क्षेत्र में विभिन्न नेताओं के दौरों के बीच अंतर दिखाने के लिए शेयर किये जा रहे इस कोलाज की पड़ताल के लिए हमने कोलाज में मौजूद तस्वीरों की एक-एक करके पड़ताल शुरू की.

CM ममता बनर्जी द्वारा चक्रवाती तूफान यास प्रभावित क्षेत्रों के दौरे की तस्वीर की पड़ताल

CM ममता बनर्जी द्वारा हालिया दिनों में तूफान प्रभावित क्षेत्र के दौरे के नाम पर शेयर की जा रही इस तस्वीर को गूगल पर ढूंढने पर हमें यह जानकारी मिली कि वायरल तस्वीर 2017 में पश्चिम बंगाल में आई बाढ़ के दौरान ली गई थी.

चक्रवाती तूफान यास के दौरान ममता बनर्जी का दौरा- गूगल सर्च

India Today तथा Zee News द्वारा प्रकाशित लेखों के मुताबिक वायरल तस्वीर पश्चिम बंगाल में 2017 में आई बाढ़ के दौरान तब ली गई थी जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर थीं. India Today द्वारा प्रकाशित लेख में यह भी जानकारी दी गई है कि ममता बनर्जी के इस दौरे से बाढ़ पीड़ित खुश नहीं थे. India Today से बात करते हुए एक पीड़ित ने ममता के दौरे को महज़ फोटो के लिए किया गया दौरा बताया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तूफान प्रभावित क्षेत्रों के दौरे की तस्वीर की पड़ताल

नरेंद्र मोदी द्वारा हालिया दिनों में तूफान प्रभावित क्षेत्र के दौरे के नाम पर शेयर की जा रही इस तस्वीर को गूगल पर ढूंढने पर हमें यह जानकारी मिली कि वायरल तस्वीर 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ के दौरान ली गई थी.

Indian Express में इस विषय पर प्रकाशित एक लेख के अनुसार PIB ने 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ का दौरा करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी की फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर की थी जिसके बाद यूजर्स ने फोटोशॉप का इस्तेमाल कर PIB को उसकी गलती का अहसास दिलाया था.

योगी आदित्यनाथ तथा नितीश कुमार द्वारा तूफान प्रभावित क्षेत्रों के दौरे की तस्वीर की पड़ताल

योगी आदित्यनाथ तथा नितीश कुमार द्वारा तूफान प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के नाम पर वायरल इन तस्वीरों की पड़ताल के लिए हमने दोनों तस्वीरों को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें यह जानकारी मिली कि योगी आदित्यनाथ की यह तस्वीर 2018 की है जब वह मेरठ में कावड़ यात्रियों के मार्ग का दौरा कर रहे थे. उक्त दौरे के समय योगी हेलीकॉप्टर के अंदर से हाथ हिला कर संबोधन कर रहे थे जिसके बाद इस मामले को लेकर कई सारे मजाकिया ट्वीट्स भी हुए थे.

चूंकि वायरल कोलाज में नितीश कुमार की तस्वीर का एक छोटा सा हिस्सा लगाया गया है इसलिए हमारी पड़ताल में यह साफ नहीं हो पाया कि वायरल तस्वीर कब की है लेकिन सर्च परिणाम से मिली जानकारी के अनुसार नितीश कुमार की यह तस्वीर भी हाल ही में आई बाढ़ से संबंधित नहीं है.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि हाल ही में आई बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तस्वीरों के इस कोलाज में प्रयुक्त चारों तस्वीरें पुरानी हैं तथा हाल ही में कई राज्यों में आये चक्रवाती तूफानों से संबंधित नहीं है.

Result: Misleading

Our Sources

Media Reports


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Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.

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