गुरूवार, मई 19, 2022
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क्या यूपी की योगी सरकार ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाई?

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर कर यह दावा गया कि यूपी की योगी सरकार द्वारा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाई गई.

यूपी में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद सोशल मीडिया पर बुलडोजर की भी खूब चर्चा हुई. सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘बुलडोजर बाबा’ का नाम दे दिया है. यही कारण है कि 10 मार्च, 2022 को विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद से ही बुलडोजर से संबंधित कई दावे सोशल मीडिया पर शेयर किये जा रहे हैं.

हिन्दू धर्म के हजारों अनुयायी हर साल गोवर्धन पर्वत के दर्शन के लिए मथुरा आते हैं. हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए आस्था के केंद्र गोवर्धन पर्वत के दर्शन के लिए सप्तकोसी परिक्रमा करते हैं. हिन्दू श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने पूर्व में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाकर सुंदरीकरण का आदेश दिया था.

इसी क्रम में सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा कुछ तस्वीरें शेयर कर यह दावा किया गया कि यूपी की योगी सरकार द्वारा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाई गई.

Fact Check/Verification

यूपी की योगी सरकार द्वारा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाने के नाम पर शेयर किये जा रहे इस दावे की पड़ताल के लिए हमने एक तस्वीर को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें यह जानकारी मिली कि वायरल तस्वीरें पिछले कई वर्षों से इंटरनेट पर मौजूद हैं.

यूपी की योगी सरकार द्वारा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाई गई.
गूगल सर्च से प्राप्त परिणाम

Ashutosh Vashishtha नामक ट्विटर यूजर द्वारा यही तस्वीरें 17 नवंबर, 2020 को भी शेयर की गई थी.

कुछ कीवर्ड्स के साथ गूगल सर्च करने पर हमें यह जानकारी मिली कि मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण हटाने का आदेश 2018 में दिया गया था. इसी जानकारी के आधार पर हमने ट्विटर एडवांस्ड सर्च फीचर पर ‘गोवर्धन परिक्रमा’ कीवर्ड्स का इस्तेमाल कर साल 2018 में शेयर किये गए ट्वीट्स देखने का प्रयास किया. इस प्रक्रिया में हमें साल 2018 में वायरल तस्वीरों के साथ शेयर किये गए कई ट्वीट्स प्राप्त हुए. बता दें कि इनमें से अधिकतर ट्वीट साल 2018 के नवंबर माह में शेयर किये गए हैं.

बता दें कि यह दावा साल 2020 में भी वायरल हो चुका है. जिसके बाद Newschecker द्वारा 17 नवंबर, 2020 को वायरल दावे की पड़ताल की गई थी. अपनी पड़ताल के दौरान Newschecker ने क्षतिग्रस्त मजार के पास होटल चलाने वाले एक दुकानदार से भी बात की थी, जिन्होंने हमें यह जानकारी दी थी कि हाल-फिलहाल में उनके इलाके में कोई मजार नहीं तोड़ी गयी है. इसके साथ ही उन्होंने हमें यह भी बताया था कि वायरल तस्वीरें साल 2018 की हैं, जब भोजनालय के पास कुछ मजारें तोड़ी गई थीं.

इसके बाद हमने गोवर्धन थाने के अधिकारीयों से संपर्क किया जहां हमें प्रशासन द्वारा हाल-फिलहाल में ऐसे किसी अतिक्रमण हटाओं अभियान ना चलाने की जानकारी दी गई. बता दें उक्त अधिकारी ने क्षेत्र में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में अतिक्रमण के नाम पर किसी अतिक्रमण हटाओ अभियान की घोषणा से भी इंकार किया.

Conclusion

इस तरह हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि यूपी की योगी सरकार द्वारा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए JCB चलवाने के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. वायरल तस्वीरें असल में साल 2018 से ही इंटरनेट पर मौजूद हैं तथा प्रशासन द्वारा हाल-फिलहाल में कोई मजार तोड़ने की बात से अनिभिज्ञता जताई गई है.

Result: False Context/False

Our Sources

Tweet by Deepesh Tomar Bjp
Tweet by Harshit Tripathi
Newschecker fact-check report
Newschecker’s telephonic conversation with Govardhan Police Station officials

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected]

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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