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क्या राहुल गांधी की बात ना समझ पाने की वजह से ट्रांसलेटर ने छोड़ा मंच? यहां जानें पूरा सच

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Vasudha noticed the growing problem of mis/disinformation online after studying New Media at ACJ in Chennai and became interested in separating facts from fiction. She is interested in learning how global issues affect individuals on a micro level. Before joining Newschecker’s English team, she was working with Latestly.

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है। इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा कि गुजरात में न केवल कांग्रेस विधायक बल्कि राहुल गांधी के ट्रांसलेटर भी मंच छोड़कर भाग रहे हैं। वीडियो क्लिप शेयर कर लोगों ने कहा कि ट्रांसलेटर मंच से चले गए क्योंकि वे राहुल गांधी के भाषण को समझने और अनुवाद करने में असमर्थ थे।

Courtesy:Twitter@VanshrajDubey
Courtesy:Tweet@Shalender_Ind

दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव में दो सप्ताह शेष हैं। ऐसे में बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों जोर अजमाइश में जुटी हैं। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुजरात के महुवा में बीते सोमवार को चुनावी सभा को संबोधित किया। इसी बीच उनका एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा कि राहुल गांधी के ट्रांसलेटर भी मंच छोड़कर जा रहे हैं क्योंकि वे उनका भाषण समझने में असमर्थ थे। 

Fact Check/Verification

दावे की सत्यता जानने के लिए हमने ‘Rahul Gandhi Gujarat Rally’ कीवर्ड को गूगल पर खोजा। हमें राजकोट और सूरत में कांग्रेस नेता की रैलियों पर विस्तार से कई रिपोर्ट्स प्राप्त हुईं।

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की 21 नवंबर, 2022 की छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, “ गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी पहली चुनावी रैली में राहुल गांधी ने सूरत जिले के महुवा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं। राहुल ने दावा किया कि भाजपा इन आदिवासियों के अधिकारों को छीनने का काम कर रही है।”

रिपोर्ट में राहुल गांधी की एक तस्वीर भी मौजूद है। इस तस्वीर और वायरल वीडियो में मौजूद कीफ्रेम का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पता चला कि ये रिपोर्ट उसी घटना की है। 

(L-R) Screengrab from viral video and image from Gandhi’s Surat rally

इसकी मदद लेते हुए हमने गूगल पर ‘राहुल गांधी,” “सूरत रैली, सर्च किया, जिससे हमें राहुल गांधी की सोमवार को हुई रैली के लाइव भाषण का वीडियो मिला। वीडियो के 37 मिनट 41 वे सेकेंड पर वायरल वीडियो के अंश को देखा जा सकता है।

वीडियो में 38 मिनट 7 सेकेंड पर भीड़ में मौजूद लोगों द्वारा राहुल गांधी को हिंदी में अपनी बात जारी रखने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है। इस सुझाव के साथ कि उनके भाषण के गुजराती अनुवाद की आवश्यकता नहीं है।

इस दौरान ट्रांसलेटर सहमति जताते हुए राहुल गांधी से कहते हैं कि अगर आपके हिंदी में बोलने से यहां लोगों को समझ आ रहा तो ठीक है। ट्रांसलेटर मंच से तभी उतरते हैं, जब कुछ लोग राहुल से हिंदी में बोलना जारी रखने का आग्रह करते हैं।

इसके अलावा, हमें इस घटना से जुड़ी कई खबरें मिलीं। मीडिया वेबसाइट Mint द्वारा 21 नवंबर, 2022 को छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है, “कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गुजरात में चुनावी भाषण के दौरान एक व्यक्ति द्वारा उन्हें बीच में टोका गया था। उस व्यक्ति ने राहुल गांधी से भाषण को हिंदी में जारी रखने और अनुवादक का उपयोग न करने के लिए कहा था। टोके जाने से पहले राहुल गांधी हिंदी में अपने भाषण को गुजराती जनता की समझ के लिए अनुवादक की सहायता ले रहे थे।”

रिपोर्ट के मुताबिक, भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने भीड़ में से राहुल गांधी से कहा, “आप हिंदी में बोलिए, हम समझ जाएंगे। हमें अनुवाद की आवश्यकता नहीं है।” उसकी इस बात पर राहुल गांधी ने अपना भाषण बीच में रोककर पूछा कि क्या सचमुच हिंदी चलेगा ? इसके बाद अनुवादक को मंच से हटा दिया गया और भाषण हिंदी में जारी रहा।

इसके अलावा अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर को प्रकाशित किया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है ।

बता दें, राहुल गांधी के भाषण का अनुवाद करते हुए नज़र आ रहे व्यक्ति कांग्रेस नेता भरत सोलंकी है। 21 नवंबर, 2022 के एक ट्वीट में सोलंकी ने साफ किया कि उन्होंने राह गांधी के भाषण का गुजराती में अनुवाद करना इसलिए बंद कर दिया क्योंकि वहां मौजूद श्रोतागण उनके भाषण को केवल हिंदी में सुनना चाहते थे।

Conclusion

इस तरह हमारी पड़ताल में स्पष्ट है कि सूरत की रैली में राहुल गांधी के भाषण को भ्रामक दावे के साथ शेय़र किया जा रहा है।

Result: Missing Context

Our Sources

Report By Times of India, Dated November 21, 2022
YouTube Video By Indian National Congress, Dated November 21, 2022
Report By Mint, Dated November 21, 2022
Tweet By Bharat Solanki, Dated November 21, 2022,
(With Inputs From Prathmesh Khunt)

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

(यह रिपोर्ट मूलत: Newschecker English पर प्रकाशित हुई थी)

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Vasudha noticed the growing problem of mis/disinformation online after studying New Media at ACJ in Chennai and became interested in separating facts from fiction. She is interested in learning how global issues affect individuals on a micro level. Before joining Newschecker’s English team, she was working with Latestly.

Vasudha Beri
Vasudha Beri
Vasudha noticed the growing problem of mis/disinformation online after studying New Media at ACJ in Chennai and became interested in separating facts from fiction. She is interested in learning how global issues affect individuals on a micro level. Before joining Newschecker’s English team, she was working with Latestly.

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