Authors
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Claim
सोशल मीडिया पर Axis Bank के चेक की एक तस्वीर शेयर कर दावा किया गया है कि लंदन भागने से पहले विजय माल्या ने भाजपा के पार्टी फण्ड में 35 करोड़ रुपए का दान किया.
Fact
लंदन भागने से पहले विजय माल्या द्वारा भाजपा के पार्टी फण्ड में 35 करोड़ रुपए दान करने का यह दावा पिछले कई सालों से वायरल हो रहा है. Newschecker द्वारा 19 मार्च 2021 तथा 28 दिसंबर 2020 को इस दावे की पड़ताल की गई थी. हमारी पड़ताल के अनुसार यह चेक फर्जी है. चेक पर दिख रहे विजय माल्या के हस्ताक्षर उनके असली हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते. इसके अतिरिक्त हमें यह भी जानकारी मिली कि वायरल चेक में भाजपा (Bharatiya Janata Party) की स्पेलिंग भी गलत लिखी हुई है, चेक में “Bhartiya Janta Party” लिखा हुआ है जबकि सही स्पेलिंग “Bharatiya Janata Party” है.
NDTV द्वारा 16 मई, 2017 को प्रकाशित एक लेख के अनुसार भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी से निष्कासन के बाद कालाधन को सफेद करने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि पार्टी ने 35-35 करोड़ रुपये के दो चेकों को सफेद धन में बदला था.
बता दें कि वायरल तस्वीर में दिख रहा चेक NDTV द्वारा प्रकाशित इसी चेक का एडिटेड वर्जन है. कथित तौर पर आम आदमी पार्टी को दिए गए चेक और वायरल तस्वीर में दिख रहे चेक का नंबर एक ही है. दोनों चेकों पर लिखा गया अकाउंट नंबर भी एक ही है.
इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि लंदन भागने से पहले विजय माल्या द्वारा भाजपा के पार्टी फण्ड में 35 करोड़ रुपए दान करने का यह दावा गलत है. असल में वायरल चेक कथित तौर पर आम आदमी पार्टी को दिए गए गए एक चेक के साथ छेड़छाड़ कर बनाया गया है.
Result: False
Our Sources
Fact check reports published by Newschecker on 19 March, 2021 & 28 December, 2020
Article published by NDTV on 17 May, 2017
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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.