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Fact Check: केरल के सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा मुस्लिम बच्चों के जन्म लेने का भ्रामक दावा वायरल

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
केरल सहित पूरे भारत के सरकारी अस्पतालों में एक दिन में सबसे ज्यादा मुस्लिम बच्चों ने लिया जन्म.

Fact
वायरल दावा भ्रामक है.

व्हाट्सएप पर एक मैसेज काफ़ी वायरल हो रहा है, जिसमें भारत और केरल के सरकारी अस्पतालों में अन्य धर्मों की तुलना में ज्यादा मुस्लिम बच्चे पैदा होने का दावा किया जा रहा है.

हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि केरल में अन्य धर्मों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में मुस्लिम बच्चों के ज्यादा पैदा होने का वायरल दावा भ्रामक है.

लंबे वायरल मैसेज में लिखा हुआ है कि, “केरल सरकारी हॉस्पिटल के एक दिन में जन्मे बच्चों का रिकार्ड हिंदू बच्चे (37), ईसाई (12), सिख (17),मुस्लिम (167). अगर किसी व्यक्ति को इस मेसेज में दी गई जानकारी पर शक हो तो RTI के तहत सरकार से जानकारी मँगवा सकते हैं”.

Courtesy: Whatsapp Tipline

आगे वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि भारत में सरकारी हॉस्पिटलों के एक दिन में 3337 हिंदू बच्चे, ईसाई 1222, सिख 1117 और 58167 मुस्लिम बच्चों ने जन्म लिया. साथ ही मैसेज में यह भी लिखा गया है कि “अगले 20 वर्ष में भारत को इस्लामिक राष्ट्र और मानवीय हत्यारी मानसिकता के तालिबानी शरिया कानून लागू करने का काम फुल स्पीड से चल रहा है”.

Fact Check/Verification

Newschecker ने सबसे पहले केरल के संबंध में किए गए दावों की पड़ताल की. इस दौरान हमें केरल सरकार की वेबसाइट पर “एनुअल वाइटल स्टैटिस्टिक्स रिपोर्ट 2021″ मिली, जिसे 11 मई 2023 को प्रकाशित किया गया था.

Courtesy: Kerala Gov

इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार तरीके से साल 2021 में जन्में बच्चों का ब्यौरा दिया गया है. रिपोर्ट में बच्चे की माता के धर्म, शिक्षा, उम्र, क्षेत्र इत्यादि आधार पर भी आंकड़ों का वर्गीकरण किया गया है. रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में केरल में 419767 बच्चों ने जन्म लिया, जिनमें 213500 लड़के और 206250 लड़कियां थीं.

एक आंकड़े में यह भी बताया गया है कि केरल में जन्में कुल बच्चों में करीब 31.75% बच्चों ने सरकारी अस्पताल में जन्म लिया, जिनमें 25.87% हिस्सेदारी शहरी इलाकों की थी, वहीं 5.88% ग्रामीणों इलाकों की थी.

रिपोर्ट में मौजूद टेबल-B6 के आंकड़ों के अनुसार, केरल के सरकारी अस्पतालों में कुल 133288 बच्चों का जन्म हुआ था.

इसके अलावा, बच्चों की माता के धर्म के आधार भी नवजात बच्चों का वर्गीकरण किया गया था. रिपोर्ट में पेज नंबर 90 से 94 पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में 181396 बच्चों का जन्म हिंदू परिवार, 169296 मुस्लिम परिवार, 59766 बच्चों का जन्म ईसाई परिवार में हुआ. इसके अलावा, 9143 बच्चों का जन्म अन्य धर्मों में, वहीं 166 बच्चों के परिवार के धर्म की जानकारी नहीं दी गई है.

ऊपर मिले 1 साल के आंकड़ों को अगर हम एक दिन के हिसाब से देखें तो हम पाते हैं कि 1 दिन में क़रीब 497 बच्चों का जन्म हिंदू परिवार में हुआ, वहीं 464 बच्चे मुस्लिम परिवार में जन्में. हालांकि, रिपोर्ट में धार्मिक आधार पर सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.

हमारी जांच में अबतक मिले साक्ष्यों से यह तो साफ़ है कि साल 2021 में भी केरल में 1 दिन में सबसे ज्यादा हिंदू बच्चों का ही जन्म हुआ.

इसके बाद हमने देशभर के संबंध में जन्में बच्चों के आंकड़ों की पड़ताल की, तो हमें गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले सीआरएस की वेबसाइट पर 2020 के आंकड़े मिले.

Courtesy: CRS India

इन आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 में करीब 2,42,22,444 बच्चों ने जन्म लिया, जिसमें से 1,25,96,700 लड़के और 1,16,24,933 लड़कियां थी. इनमें से करीब 73% का जन्म अस्पताल में जबकि बाकी 27% का जन्म अन्य जगहों पर हुआ.

हालांकि, इस दौरान हमें धर्म के आधार पर मौजूद कोई आंकड़ा नहीं मिला. हमने पुराने रिपोर्ट्स भी खंगाले, लेकिन हाल के कुछ सालों में जारी की गई किसी भी रिपोर्ट में हमें धर्म से संबंधित आंकड़े नहीं मिले.

हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि केरल के सरकारी अस्पताल में सबसे ज्यादा मुस्लिम बच्चों के जन्म लेने का दावा भ्रामक है. साथ ही हमने यह भी पाया कि भारत सरकार नवजात बच्चों के धर्म संबंधी आंकड़े जारी नहीं करता है.

Our Sources
Report Published by Department of Economic and Statistics, GOV Kerala 2021
Report Published by CRS India

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