गुरूवार, अप्रैल 18, 2024
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Fact Check: क्या सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम बैन करने का सुनाया फैसला? वायरल वीडियो का यहां जानें सच

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईवीएम बैन किए जाने का फैसला देने के बाद वकीलों की प्रेस कांफ्रेंस.

Fact
नहीं, वायरल वीडियो में वकील इलेक्टोरल बॉन्ड पर दिए गए फैसले का ज़िक्र कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर एक प्रेस कांफ्रेंस के हवाले से ईवीएम को लेकर एक दावा काफ़ी वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग को तगड़ा झटका लगा है और सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम बैन करने का फैसला किया है.

हालांकि, हमने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड पर दिए गए फैसले के बाद वकील महमूद प्राचा द्वारा किए गए प्रेस कांफ्रेंस का है. इस वीडियो में उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम को बैन कर दिया है.

वायरल वीडियो में सफ़ेद कपड़े पहने एक शख्स इलेक्टोरल बॉन्ड का ज़िक्र करते हुए यह कहते नज़र आ रहे हैं कि “बीजेपी और आरएसएस ने इलेक्टोरल बॉन्ड का क्राइम किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अपराध करार किया है”. इसके अलावा वीडियो में कुछ टेक्स्ट भी मौजूद है, जिसमें लिखा हुआ है “चुनाव आयोग को लगा तगड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, ईवीएम बैन होगी, वकीलों की बड़ी जीत”.    

Courtesy: FB/ds.singh.967

Fact Check/Verification

Newschecker ने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए सबसे पहले वीडियो को ध्यानपूर्वक देखा. इस दौरान हमें वीडियो में Voice News Network” लिखा हुआ दिखाई दिया.

अब हमने कुछ कीवर्ड्स को यूट्यूब पर सर्च किया। हमें यूट्यूब चैनल पर 15 फ़रवरी 2024 को अपलोड हुआ एक वीडियो मिला. करीब 9 मिनट लंबे इस वीडियो के टाइटल में लिखा हुआ था, “चुनाव आयोग को लगा तगड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, बीजेपी में मचा हड़कंप”.

Courtesy: YT/Voice News Network

यूट्यूब वीडियो के शुरूआती हिस्से में ही हमें वायरल वीडियो वाला हिस्सा मिला. इसके बाद वाले हिस्से को सुनने पर हमने पाया कि सफ़ेद कपड़े में मौजूद शख्स ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर निशाना साधा था. इतना ही नहीं वीडियो में वे ईवीएम को बैन करने की मांग करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, वीडियो में वे कहीं भी यह कहते हुए नहीं सुने जा सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम बैन करने का फैसला दिया है”.

इसके बाद हमने सफ़ेद कपड़े में मौजूद व्यक्ति का पता लगाया तो हमने पाया कि ये संविधान बचाओ मिशन के संयोजक व वकील महमूद प्राचा हैं. हमने यह भी पाया कि उनका संगठन लंबे समय से ईवीएम हटाने की मांग कर रहा है. 

Courtesy: X/MehmoodPracha

पड़ताल के दौरान यह भी पता चला कि उन्होंने भी वायरल वीडियो के लंबे वर्जन वाले वीडियो को अपने X अकाउंट से ट्वीट किया है.

Courtesy: X/MehmoodPracha

इसके बाद हमने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड पर दिए गए फैसले को लेकर भी जानकारी हासिल की. जांच में मिली बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 15 फ़रवरी को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक स्कीम करार दिया. दरअसल पिछले कुछ समय से इस बॉन्ड की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे थे. जिसको लेकर एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स समेत कुछ अन्य संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए एसबीआई से सभी पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले डोनेशन की जानकारी चुनाव आयोग को देने के लिए कहा है.

जांच में हमने ईवीएम बैन होने वाले दावे की भी पड़ताल की. लेकिन हमें ऐसी कोई विश्वसनीय न्यूज़ रिपोर्ट्स नहीं मिली, जिसमें वायरल दावे का ज़िक्र हो.

Conclusion    

हमारी जांच में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि वायरल वीडियो में इलेक्टोरल बॉन्ड पर दिए गए फैसले का ज़िक्र किया गया है, ना कि यह कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम बैन कर दिया है. 

Result: False

Our Sources
Video Uploaded by Voice News Network on 15th Feb 2024
Video Tweeted by advocated Mahmood pracha

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Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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