शुक्रवार, जून 14, 2024
शुक्रवार, जून 14, 2024

होमहिंदीलता के गाने गाकर सुर्ख़ियों में आई रानू मण्डल ने नहीं की...

लता के गाने गाकर सुर्ख़ियों में आई रानू मण्डल ने नहीं की अयोध्या में चर्च के लिए जमीन की मांग, वायरल हुआ झूठा दावा

Authors

Claim

रानू मंडल ने अयोध्या में चर्च के लिए जगह मांगी, ये तो सिर पर बैठ गई…? जब वह रेलवे स्टेशन पर रहती थी तब उसकी खोज मिशनरियों ने क्यों नहीं की। 

Verification– 
Madhupurnima kishwar ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया है। लिखा है कि रानू मंडल द्वारा अयोध्या में चर्च के लिए जगह मांगना काफी निराशाजनक है। जब वह रेलवे स्टेशन पर रहती थी तब उसकी खोज मिशनरियों ने क्यों नहीं की। मधुपुर्णिमा ने प्रशांत आरएसएस नामक शख्स के ट्वीट को रिट्विट कर यह जवाब दिया है।
उस पोस्ट में प्रंशात ने दावा किया है कि रानू मंडल ने अयोध्या में चर्च के लिए जगह मांगी है।
हमनें इस ट्वीट को लेकर पड़ताल शुरू की तो पता चला कि सोशल मीडिया में यह मैसेज काफी वायरल हो रहा है।
इसके अलावा फेसबुक पर भी यह मैसेज कई अकाउंटसे  शेयर किया गया है।
हमनें गूगल में कुछ कीवर्ड्स के माध्यम से पोस्ट की सच्चाई जानने की कोशिश की लेकिन कहीं पर रानू मंडल द्वारा अयोध्या में चर्च के लिए जमीन मांगने की खबर दिखाई नहीं दी। लेकिन खोज के दौरान हमें इसी तरह के दावे वाला एक और ट्वीट मिला जिसमें एक लिंक शेयर की गई थी।
इस ट्वीट में The Fauxy नामक वेबसाइट में प्रकाशित खबर का लिंक शेयर किया गया है। इसमें लिखा गया है कि अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है इसका दोनों ओर मुसलमानों ने स्वागत किया है लेकिन कुछ लोग संतुष्ट नहीं है।  ऐसे में ईसाई मिशनरियों ने रानू मंडल से अनुरोध किया कि वह अयोध्या में चर्च के लिए जमीन की मांग करे। रानू ने भी कहा है कि अयोध्या में कुछ जमीन ईसाईयों को भी मिलनी चाहिए ताकि वें भव्य चर्च का निर्माण कर सके। अगर ईसाईंयों को वहां पर जमीन मिलेगी तो यह सच्ची धर्मनिरपेक्षता का प्रदर्शन होगा।
खबर में लिखा है कि रानू ने सिद्धू से भी कहा है कि वे आगे आएं और अयोध्या में गुरुद्वारे के लिए जमीन की मांग करे।
पड़ताल में पता चला कि यह वेबसाइट हास्य-व्यंग भरी खबरें प्रकाशित करती है। वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी दी गई है।
हमारी पड़ताल में साफ हो गया कि रानू मंडल ने इस तरह की कोई मांग नहीं की है। एक हास्य व्यंगभरी खबर को लोगों ने सच मान लिया और इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
Tools Used
  • Google Keywords Search
  • Twitter Advanced Search
Result- Misleading
—————–
(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़तालसंशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें ई-मेल करेंcheckthis@newschecker.in)

Authors

After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular