गुरूवार, मई 19, 2022
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Weekly Wrap: सांप्रदायिक हिंसा की खबरों से लेकर कई अन्य मुद्दों तक, इस हफ़्ते वायरल हुए टॉप 5 फेक दावों का फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर इस हफ़्ते कई सांप्रदायिक दावे शेयर होते हुए देखे गए। तस्वीर और कई वीडियोज के माध्यम से महाराष्ट्र के अमरावती को लेकर भ्रामक दावे किए गए, तो वहीं कई अन्य मुद्दों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऐसे ही कई अन्य दावों का हमारी टीम द्वारा फैक्ट चेक किया गया है।

 टॉप 5 फेक दावों का फैक्ट चेक

महाराष्ट्र के अमरावती में भीड़ द्वारा दुकान जलाए जाने की तस्वीर भ्रामक दावे के साथ हुई वायरल

OpIndia द्वारा एक तस्वीर के साथ दावा किया गया कि यह अमरावती स्थित एक हिन्दू की दुकान है, जिसमें मुस्लिमों ने आग लगा दी। हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ।

पूरा फैक्ट चेक यहाँ पढ़ा जा सकता है।

टॉप 5 फेक दावों का फैक्ट चेक

क्या बजट की कमी के चलते यूपी में इस बार छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया गया कि यूपी में इस बार बजट की कमी के कारण छात्रों को छात्रवृत्ति नही मिलेगी. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ।

पूरा फैक्ट चेक यहाँ पढ़ा जा सकता है।

जागरूकता के लिए बनाया गया वीडियो भ्रामक दावे के साथ हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ दावा किया गया कि ‘गली में घूमते ज्वैलरी चोरों से सावधान रहें। वीडियो में यह दिखाया गया है कि दो व्यक्ति धोखे से एक परिवार के गहने लूट लेते हैं। हमारी पड़ताल में पता चला कि जो वीडियो वायरल हुआ था वह सिर्फ लोगों को जागरूक होने के लिए बनाया गया था।

पूरा फैक्ट चेक यहाँ पढ़ा जा सकता है।

वीर सावरकर पर बनी डाक्यूमेंट्री का वीडियो भ्रामक दावे के साथ हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के एक वीडियो के साथ दावा किया गया है कि यह उनका वह वीडियो है, जब वो अंडमान की जेल में सजा काट रहे थे। हमारी पड़ताल में पता चला कि यह एक डॉक्यूमेंट्री की क्लिप है।

पूरा फैक्ट चेक यहाँ पढ़ा जा सकता है।

अमरावती का नहीं है सोशल मीडिया पर शेयर हुआ यह वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो को अमरावती का बताकर यह दावा किया गया कि वहां एक मस्जिद के सामने हिन्दुओं की भीड़ द्वारा प्रदर्शन किया गया।

हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ।

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
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Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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