बुधवार, अगस्त 10, 2022
बुधवार, अगस्त 10, 2022

होमFact CheckNewsWeekly Wrap: राष्ट्रपति चुनाव, बाढ़ और कांवड़ यात्रा को लेकर इस हफ़्ते...

Weekly Wrap: राष्ट्रपति चुनाव, बाढ़ और कांवड़ यात्रा को लेकर इस हफ़्ते वायरल हुए टॉप 5 फेक दावों का फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर इस हफ़्ते राष्ट्रपति चुनाव, देश के कई इलाकों में आई बाढ़ सहित कांवड़ यात्रा को लेकर कई खबरों ने सुर्खियां बटोरी। इन्हीं खबरों के बीच सोशल मीडिया पर कई ऐसे दावे भी शेयर किए गए जो हमारी पड़ताल में फर्जी साबित हुए। इसके अलावा, देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरों पर सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा शेयर किए गए फर्जी दावों का फैक्ट चेक हमारी इस रिपोर्ट में पढ़ा जा सकता है।

यशवंत सिन्हा को अगला राष्ट्रपति नहीं घोषित किया गया, फर्जी दावा हुआ वायरल

राष्ट्रपति चुनाव के बीच एक पोस्ट के जरिये ये दावा किया जाने लगा कि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को देश का राष्ट्रपति घोषित कर दिया गया है। हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। फैक्ट चेक पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

 

द्रौपदी मुर्मू ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर नहीं दिया ऐसा बयान

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया जाने लगा कि देश की आगामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक ट्वीट कर कहा है कि राष्ट्रपति बनने के बाद, उनका सबसे पहला कर्तव्य होगा कि वे भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाएं। हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ।

उत्तराखंड में बाढ़ पीड़ितों की मदद करते सेना के जवानों के वीडियो को राजस्थान का बताया गया

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में बाढ़ का प्रकोप बढ़ने के बाद भारतीय सेना द्वारा राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

वर्षों पूर्व देवबंद में कांवड़ियों के ट्रक से हुई मुस्लिम व्यक्ति की मौत की खबर को अभी का बताया गया

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि 20 जुलाई को यूपी के देवबंद में कांवड़ियों के ट्रक के आगे एक मुस्लिम ने कूदकर आत्महत्या कर ली। हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है।

अग्निवीर योजना में जाति व धर्म प्रमाण पत्र मांगे जाने को लेकर किया जा रहा दावा पूरा सच नहीं है

अग्निपथ योजना में भर्ती के नाम पर कई नेताओं ने एक पोस्ट शेयर कर दावा किया कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि सेना की भर्ती में उम्मीदवारों की जाति पूछी जा रही है. हमारी पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। पूरा फैक्ट चेक यहां पढ़ा जा सकता है। 

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular